Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here
Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here

आँखों में धूल

आँखों में धूल

1 min 395 1 min 395

आँखों में धूल चली जाए तो

कोई बड़ी बात नहीं

पर कोई आँखों में धूल झोंक जाए

ये बेशक छोटी बात भी नहीं।


चली जाए जो धूल आँखों में तो

उसे हम इत्तेफाक कहते हैं।

धोखेबाज लोग तो इस धूल को,

बस एक मजाक कहते हैं।


मिट्टी वाली धूल चली जाए तो,

निकालना थोड़ा मुश्किल होता है।

पर धोखेबाज धूल झोंक जाए तो,

जाहिर करना भी नामुमकिन होता है।


अचानक आई ये धूल तो,

आंखों को चोट पहुँचाती हैं।

पर धोखेबाज ने जो झोंकी धूल,

वो दिल के टुकड़े कर जाती हैं।


उड़ता हुआ धूल आँखों में जाना

कोई बड़ी बात नहीं।

ना भूल कि झोंक जाए कोई भी

ये तो छोटी बात भी नहीं।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Sonam Kewat

Similar hindi poem from Abstract