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Vaibhav Dubey

Romance

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Vaibhav Dubey

Romance

आंखों की ख़ाहिश

आंखों की ख़ाहिश

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हमें रोज जी भर के तुम देखते हो

तुम्हें रोज जी भर के हम देखते हैं,

अजब है मुहब्बत में आंखों की ख़ाहिश

लगे बस यही फिर भी कम देखते हैं।


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