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Deepika Raj Solanki

Tragedy

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Deepika Raj Solanki

Tragedy

आज फिर कोई लड़का बिकने आया है

आज फिर कोई लड़का बिकने आया है

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पड़ोस में आज कोई,

लड़की देखने आया हैं,

साथ में बड़ी सी गाड़ी भी लाया है,

आज फिर कोई लड़का बिकने आया है।

हिसाब-किताब में माहिर है,

लड़का बैंक में हमारा अधिकारी है,

लगेगा भाव उस पर भारी है,

आज पड़ोस में कोई लड़की देखने आया है,

चाचा- ताऊ को भी साथ लाया है,

जी देखिए! मांग कुछ नहीं हमारी 

लड़की चाहिए इंजीनियर डिग्री धारी,

हो माहिर कामों में भी सारी

रंगत में भी हो लड़की प्यारी,

थोड़ी हो अबला,तो हो थोड़ी-सी सबला नारी,

हो उस में संस्कारों का तड़का भी भारी,

दुल्हनिया हो हमारी जग से न्यारी,

चाहिए लड़की  ऐसे गुणों वाली,

लड़के का कोई बखान नहीं,

क्योंकि वह तो लड़की देखने आया है,

भाव लेंगे हैं उस पर भारी,

फ़ेहरिस्त में है लड़कियां कई सारी,

मंजूर है तो दांव लगाओ,

नहीं तो लड़की अपनी घर बैठाओ,

फिर कोई लड़का बिकने आया है।

देख मंजर सारा पिता का मन घबराए

लड़की के लिए रिश्ता फिर कहां से लाएं,

मान के मांगे सारी,

बेटी के हाथों में मेहंदी लगवाएं,

आज फिर एक पिता बेटी की खुशियां खरीद के लाएं,

गारंटी कोई नहीं कि यह कब तक चल पाएं,

अपना धन बना के पराया पिता भी रीत अपनी निभाएं,

लड़के के आगे वह नतमस्तक हो जाएं,

बिकके भी लड़का अपने में इतराएं,

आज कोई लड़का फिर लड़की देखने आया है......।

  

  

  

  

  

  


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