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Rekha Shukla

Fantasy

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Rekha Shukla

Fantasy

आहिस्ता आहिस्ता

आहिस्ता आहिस्ता

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चले तो कट ही जायेगा सफर आहिस्ता आहिस्ता....

जिन्दा रहे तो मिलते रहेंगे ...आहिस्ता आहिस्ता....

मैं कहती हूँ के मिलते रहेंगे तो जिन्दा रहेंगे ...

उसके पास जाते मगर आहिस्ता आहिस्ता....

चिलमनों के राज तो समझो उठेंगे परदे तो आहिस्ता आहिस्ता...

यूं कैद किया बीच अंखियाँ ....आहिस्ता आहिस्ता....!!

रिटर्न मेल आया शोर मचाये मोर आहिस्ता आहिस्ता...



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