STORYMIRROR

Ervivek kumar Maurya

Romance Tragedy Thriller

4  

Ervivek kumar Maurya

Romance Tragedy Thriller

आदत

आदत

1 min
440

अपनी चाहत उनपे ही लुटा दी है

वो मेरी है यही आदत बना ली है


जानकर मुझसे जिंदगी की राहों को

उन्होंने अपनी राहें मुझमें मिला ली है


कुछ नही,बहुत बेहतर सा होगा सनम

अब तो बस तुझपे नजरें टिका दी हैं


बड़े अच्छे वो पल थे जो संग गुजारे थे

आज तेरे संग जीने की कसमें खा ली हैं


मुझको इंतजार तेरा हरदम रहता है

इसलिए तेरी सांसों को अपनी जां की पहरेदारी दी है


हां संग तेरे एक नया घर बसाया है

उसमें सारी उम्र की कमाई भी लगा दी है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance