Hassan Bilal
Action Crime Fantasy
परेशानियां इस वर्ष की
निशानियां बन गई
विश्व में महामारी बन गई
देश में भूखमरी बन गई
पिस रहा मजदूर है
जूझ रहा किसान है
निम्न वर्ग बेहाल है
उच्च वर्ग खुशहाल है
यही मेरे देश का हाल है।
हार कर जीतना
पहला प्यार
मंज़िल दूर की
देश का राजा
चार दोस्त
2020
किसान आज
जिंदगी जीने की चाह में मैं और भी टूटता जा रहा हूँ।। जिंदगी जीने की चाह में मैं और भी टूटता जा रहा हूँ।।
दूर से देखिए तो लगता है आसान, लगता ये प्यार कितना है आसान। दूर से देखिए तो लगता है आसान, लगता ये प्यार कितना है आसान।
सारी उम्र तड़पाया है तूने l तुझसे तेरी खैरियत तो पूछ लूँ ll सारी उम्र तड़पाया है तूने l तुझसे तेरी खैरियत तो पूछ लूँ ll
घमंडी सभी हो गए हैं सुनो, मुझे आज कोई सफाई न दे। घमंडी सभी हो गए हैं सुनो, मुझे आज कोई सफाई न दे।
मेरा सिर्फ यही है सभी मनुष्यों से कहना, कि बख्श दो मुझें, मुझें भी हैं चैन से रहना मेरा सिर्फ यही है सभी मनुष्यों से कहना, कि बख्श दो मुझें, मुझें भी हैं चैन...
क्या लाये थे जिंदगी में ! क्या लेकर जाओगे ! जिंदगी तो एक किताब है। क्या लाये थे जिंदगी में ! क्या लेकर जाओगे ! जिंदगी तो एक किताब है।
वही जीवन तो सही जगमगाए, जो विकास के बीज बो जाए।। वही जीवन तो सही जगमगाए, जो विकास के बीज बो जाए।।
मेरे लिए तो मेरी रसोई की खिड़की जीवनदायिनी खिड़की है। मेरे लिए तो मेरी रसोई की खिड़की जीवनदायिनी खिड़की है।
सफल जरूर होंगे, कानून कृषि किए निरस्त। सफल जरूर होंगे, कानून कृषि किए निरस्त।
तू है अक्ष मिट्टी के मटके की खुश्बू, खतम अब हुई है तमाशे की दुनिया। तू है अक्ष मिट्टी के मटके की खुश्बू, खतम अब हुई है तमाशे की दुनिया।
क्या तुझे वापस लाने का वादा करूं या तू ही बता मैं क्या करूं। क्या तुझे वापस लाने का वादा करूं या तू ही बता मैं क्या करूं।
अपना फर्ज निभाना है। धरती माँ को हमें बचाना है।। अपना फर्ज निभाना है। धरती माँ को हमें बचाना है।।
हमनें इश्क़ एक तरफ़ा तुमसे किया था, ज़िन्दगी भर हमसे तुम अब दूर रहना। हमनें इश्क़ एक तरफ़ा तुमसे किया था, ज़िन्दगी भर हमसे तुम अब दूर रहना।
आओ हम अब समस्याओं का सामना करें। मुसीबतों से हम मुकाबला करूं। आओ हम अब समस्याओं का सामना करें। मुसीबतों से हम मुकाबला करूं।
बचपन से लेकर जवानी तक का सफ़र, सबसे ज़्यादा अँधेरे मुँह उठना ही प्यारा। बचपन से लेकर जवानी तक का सफ़र, सबसे ज़्यादा अँधेरे मुँह उठना ही प्यारा।
न त्यौहार का मज़ा न शौक पूरे हुया फिर भी अमर हुए वो माँ भारती के लाल थे। न त्यौहार का मज़ा न शौक पूरे हुया फिर भी अमर हुए वो माँ भारती के लाल थे।
तोड़े सभी रिवाज,अज्ञान का किया खात्मा नमन करे यह देश, हुआ फुले सा महात्मा। तोड़े सभी रिवाज,अज्ञान का किया खात्मा नमन करे यह देश, हुआ फुले सा महात्मा।
उतना तो हम जीए ही नहीं अभी तक जितना हम हर रोज़ बेवजह मरते जा रहे हैं। उतना तो हम जीए ही नहीं अभी तक जितना हम हर रोज़ बेवजह मरते जा रहे हैं।
शरद शांत मधुर या फिर दूषित हो, और हां वो चिंता अपनी कर लेना।। शरद शांत मधुर या फिर दूषित हो, और हां वो चिंता अपनी कर लेना।।
लेकिन वो बहुत प्यार से मेरा नाम ले। हाँ मुझको एक ऐसे साथ की जरूरत है। लेकिन वो बहुत प्यार से मेरा नाम ले। हाँ मुझको एक ऐसे साथ की जरूरत है।