Hassan Bilal
Action Crime Fantasy
परेशानियां इस वर्ष की
निशानियां बन गई
विश्व में महामारी बन गई
देश में भूखमरी बन गई
पिस रहा मजदूर है
जूझ रहा किसान है
निम्न वर्ग बेहाल है
उच्च वर्ग खुशहाल है
यही मेरे देश का हाल है।
हार कर जीतना
पहला प्यार
मंज़िल दूर की
देश का राजा
चार दोस्त
2020
किसान आज
अद्भुत बालक क्रूर दानवता की दुष्ट प्रवाह पर प्रहार शिवा सत्य सत्यार्थ।। अद्भुत बालक क्रूर दानवता की दुष्ट प्रवाह पर प्रहार शिवा सत्य सत्यार्थ।।
तुम्हें ये सब बदलना है अपने जैसे लोगों के साथ मिलकर सबके लिए। तुम्हें ये सब बदलना है अपने जैसे लोगों के साथ मिलकर सबके लिए।
उसके लिए भूगोल चाहे धरती का हो या स्त्री का एक ही उद्देश्य के निमित्त होता है। उसके लिए भूगोल चाहे धरती का हो या स्त्री का एक ही उद्देश्य के नि...
आँचल में छुपा कर घर रखा तो वीर कहाँ से आयेंगे जब मुश्किल से टकराएंगे अभिनन्दन बन पायेंगे। आँचल में छुपा कर घर रखा तो वीर कहाँ से आयेंगे जब मुश्किल से टकराएंगे अभिनन्दन...
कल-कारखाने रचे उजाड़ जंगल, वन्य प्राणियों को आश्रयहीन किया। कल-कारखाने रचे उजाड़ जंगल, वन्य प्राणियों को आश्रयहीन किया।
दाने दाने को मर रहा आपका परिवार है। ये कैसे कश लगाते हो? दाने दाने को मर रहा आपका परिवार है। ये कैसे कश लगाते हो?
बस कुछ इस तरह, अपनी जिन्दगी से खुद के लिए खुशियों के कुछ पल चुरा लेती हूँ। बस कुछ इस तरह, अपनी जिन्दगी से खुद के लिए खुशियों के कुछ पल चुरा लेती हूँ।
कुछ नीति नियम के साथ भरपूर मस्ती के साथ। कुछ नीति नियम के साथ भरपूर मस्ती के साथ।
छापली थी, मुगल छावनी, दिवेर से, जीत की शुरुआत हुई । घोड़े समेत , बहलोल खाँ को चीरा, वीर प्रताप की ... छापली थी, मुगल छावनी, दिवेर से, जीत की शुरुआत हुई । घोड़े समेत , बहलोल खाँ को च...
पहचान मुझे तुम क्या दोगे मैं ख़ुद अपनी पहचान हूँ, पहचान मुझे तुम क्या दोगे मैं ख़ुद अपनी पहचान हूँ,
कोई दवा मिलती ही नहीं, मैं रो पड़ता हूं। मैं लिखता हूं, मिटाता हूं। कोई दवा मिलती ही नहीं, मैं रो पड़ता हूं। मैं लिखता हूं, मिटाता हूं।
वो नहीं जानते थे की उनकी खुले आम दिन दहाड़े नीलामी होगी वो नहीं जानते थे की उनकी खुले आम दिन दहाड़े नीलामी होगी
इनके बच्चे मासूम कितने, मिलते हैं नन्हे भोले-भाले, तरस खा लेना ओ भगवान, कहलाते तुम इनके बच्चे मासूम कितने, मिलते हैं नन्हे भोले-भाले, तरस खा लेना ओ भगवान, ...
सारा ही जीवन बेकार है, बिना ही प्यार के, सारा संसार भी तो बेकार है, बिना ही प्यार के सारा ही जीवन बेकार है, बिना ही प्यार के, सारा संसार भी तो बेकार है, बिना ही प...
स्त्री कि कोई परिभाषा नहीं है, क्योंकि स्त्री खुद एक परिभाषा है। स्त्री कि कोई परिभाषा नहीं है, क्योंकि स्त्री खुद एक परिभाषा है।
अब चला चली की बेला है, गुडबाय सभी को करता हूं।। अब चला चली की बेला है, गुडबाय सभी को करता हूं।।
जब अचानक से लड़कियों की शिक्षा लेकर मची थी क्रांति और लोग बंद करने लगे थे जब अचानक से लड़कियों की शिक्षा लेकर मची थी क्रांति और लोग बंद करने लगे थे
अटल विचार है व्यवहार है जेठ की भरी दोपहरी के बिहारी प्रज्वलित मशाल है। अटल विचार है व्यवहार है जेठ की भरी दोपहरी के बिहारी प्रज्वलित मशाल है।
आज कैसी सौगात तू दे गया अपनी प्यारी मुन्नी को तू आज कैसे अकेला छोड़ गया आज कैसी सौगात तू दे गया अपनी प्यारी मुन्नी को तू आज कैसे अकेला छोड़ गया
देख तिरंगा लहराता हमें नाज़ देश पर होता है सोचो आज़ादी पाने को एक वीर क्या खोता है देख तिरंगा लहराता हमें नाज़ देश पर होता है सोचो आज़ादी पाने को एक वीर क्या खो...