खामोश सासे...
खामोश सासे...
मेरी खामोश सी साँसें
तेरे इश्क़ का कलमा पढ़ जाती है
जब तन्हा सी मेरी धड़कन
तेरे नाम से टकराती है
मै जब भी जिक्र करता हू खुदा का
मुझे तस्वीर तेरी याद आती है
तेरे दीदार का सुरुर पाने के लिये
मेरी आँखें तरस जाती है
जब तन्हा सी मेरी धड़कन
तेरे नाम से टकराती है।

