जल ही जीवन है
जल ही जीवन है
समय यात्रा है कठिन, संभावित दृढ़ प्रयास करने है
कदम आगे अपने हमको, सोच समझ कर धरने है
समय हुआ बेपरवाह, इसे किसी की परवाह नहीं है
हमें अपने जीवन के निर्माण की गति प्रवाह करनी है ।
समय अनमोल है, बेमिसाल बहुत इसका जाल है
एक समय में स्वर्ण हो कंकर तो दूसरे में कंकर ही स्वर्ण है
फेंके जो शब्द अपनी वाणी के यह याद रखता है
यह इन शब्दों को फिर उसी के सिर पर धरता है ।
निर्णय हमारे हमें अपने लक्ष्य का भान कराते हैं
इसी बीच आलस्य के बीज लक्ष्य से ध्यान हटाते हैं
विकट स्थितियों में हममें अनेक अनुभव विकसित होते हैं
ये अनुभव हमारे जीवन में अनेक अवसर सम्मिलित कराते हैं ।
समय पर आरूढ़ होकर हमें आत्मनिर्भर हो जाना है
किसी अन्य का हस्तक्षेप हमें अब नहीं स्वीकृत करना है
वो दौर अलग था जब सब परस्पर सहयोग करते थे
इस दौर में हम स्वयं की स्थिति को स्वयं ही पहचान लें ।
हमारे जीवन का प्रयोजन बहुत खास है
हमें इसके संयोजन का बहुत ख्याल रहे
इसे नये कार्य आयोजन का ज्ञान कराते रहे
इसे जीवन के संयोजक का ध्यान कराते रहे ।
जीवन है यह चांद की चांदनी
जीवन है यह रात की रागिनी
जीवन है यह सुबह कि ऊर्जा नयी
जीवन है यह परम कि प्रतिलिपि।
जीवन में आपाधापी की छाप है
जीवन में जिम्मेदारी एक जाप है
जीवन में पहली प्राथमिकता क्या है
जीवन में जीवन प्रवाह की क्रिया क्या है ।
जीवन प्रवाह होता रहे सतत झरने सा
आये बाढ़ तो भी हमें मनन करने का
एक क्षण ही रहे जन्मीं प्रतिकूल प्रक्रियाएं
अगले क्षण ही होती अनुकूल जीवन प्रवाह की दिशाएं ।
