STORYMIRROR

Kanchan Prabha

Inspirational

3  

Kanchan Prabha

Inspirational

मुस्कुराने दो

मुस्कुराने दो

1 min
325

बेटियों को मुस्कुराने दो

ज्ञान का दीपक जलाने दो


जन्म से पहले ना मारो

धरती पर उन्हें आने दो

माँ की गोद में समाने दो

बेटियों को मुस्कुराने दो


कलियों को न मुरझाने दो

भवरों को गुनगुनाने दो

लाल पीले फूल खिलने दो

बेटियों को मुस्कुराने दो


पिंजड़े में कैद ना करो

चिड़ियों को चहचहाने दो

गीत आजादी के गाने दो

बेटियों को मुस्कुराने दो


काम का बोझ ना डालो

मिट्टी के खिलौने बनाने दो

होठों को खिलखिलाने दो

बेटियों को मुस्कुराने दो


पंख ना काटो फड़फड़ाने दो

सपने हजार सजाने दो

यादों का घरौंदा बनाने दो

बेटियों को मुस्कुराने दो

ज्ञान का दीपक जलाने दो।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational