गुरूजन हमारे
गुरूजन हमारे
ज्ञान के उजाला देकर
जीवन को प्रकाशित करते,
सही - गलत का भेद बताते।
कैसी भी परिस्थिति आए
उनसे निकालकर
मंज़िल की ओर हमें ले जाते,
शिक्षित करके सभ्य मानव बनाते।
माता - पिता सा स्नेह करते,
हमारे हित की ख़ातिर
कभी कठोर बनकर डाँट - डपट से और
कभी स्नेह से हमें समझाते।
न्याय के पथ पर अडिग रहकर
आत्मसम्मानपूर्वक जीना सिखलाते।
धीरता और प्रेरणा की मूर्त
हमारे प्रिय स्नेहिल,श्रेष्ठ गुरूजनों को
कोटि - कोटि मैं नमन करती हूँ।
