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Deepak Ahire

Inspirational

3  

Deepak Ahire

Inspirational

संवाद

संवाद

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आजकाल संवाद        

हरवत बघा चालला,      

निर्जीव बाबींमध्ये        

संवाद कसा गुरफटला...   


संवादाची व्याख्या       

ठेवली घासून पुसून,      

काेरडे रूक्ष व्यवहार      

हाेत आहे मनातून...      


संवादातून घडतात

अनेक विसंवाद, 

निघून जाताे आजकाल

संवादाचा आस्वाद... 


आपलेपणाने चालावे

संवाद हे घराेघरी, 

तरच आपण जिंकू

सुसंवादाची ही वारी... 


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