Praveen Gola

Abstract


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Praveen Gola

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विजय

विजय

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कोरोना वायरस ने दुनियाभर को हिलाकर रख दिया है  कोई नहीं जानता कि यह महामारी कब खत्‍म होगी फिलहाल स्थिति बेहद खराब है इस संक्रमण को अलग-अलग चरण में बांटा गया है :-


पहली स्‍टेज उसे कहते हैं जब प्रभावित देशों से आने वाले लोगों में संक्रमण पाया जाता है इस तरह संक्रमण उन्‍हीं तक सीमित होता है जो दूसरे देशों से आए हैं संक्रमण के रोकथाम के लिए यह सबसे मुफीद चरण हाेता है


दूसरे चरण को लोकल ट्रांसमिशन स्‍टेज कहते हैं यह तब आती है जब विदेश से लौटे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से उसके परिजन, रिश्तेदार वगैरह संक्रमित होने लगते हैं इस चरण में यह पता होता है कि वायरस कहां से फैल रहा है इस स्टेज में भी राेकथाम का काम उतना ज्यादा कठिन नहीं हाेता है क्याेंकि संक्रमण के स्राेत की जानकारी आपके पास हाेती है


तीसरे चरण काे कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन स्‍टेज कहा जाता है यह स्टेज तब आती है जब एक बड़े इलाके के लोग वायरस से संक्रमित हो जाते हैं इस चरण में कोई ऐसा व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है जो न तो कोरोना वायरस से प्रभावित देश से लौटा है और न ही वह किसी दूसरे कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया हो इस स्टेज में यह पता नहीं चलता कि कोई व्यक्ति कहां से संक्रमित हो रहा है


चौथा चरण इस महामारी अंतिम पड़ाव है यह काफी खतरनाक स्टेज होती है चीन इस स्टेज से गुजर चुका है ऐसी स्थिति में इसका हल खोज पाना कठिन होता है


समाचारों में लगातार मरने वालों की संख्या रोज़ बढ़ती जा रही थी  धीरे - धीरे भारत भी अब कोरोना काल के तीसरे चरण में प्रवेश कर रहा था

सरकार ने इक्कीस दिनों का लॉकडाउन लगा रखा था जिसकी वजह से सभी अपने - अपने घरों में बंद थे मैं अपने कमरे में बैठी ना जाने कितनी बार इन चारों चरण का अध्ययन कर चुकी थी।  


आप सोच रहे होंगे कि मैं ज़रूर कोई वैज्ञानिक होऊँगी जो इतने गहन अध्ययन की बात कर रही हूँ परंतु नहीं मैं एक साधारण सी घरेलू महिला हूँ और ये अध्ययन किसी डर की वजह से नहीं बल्कि एक आम नागरिक की भांति मैं भी इससे निपटने का हल ढूंढने की कोशिश कर रही थी। 


मैं चाहती थी कि हमारा भारत किसी भी सूरत में तीसरे चरण में प्रवेश ना करे यूँ तो पृथ्वी को संतुलित करने के लिए ही शायद भगवान ने ये जीवन - मरण का चक्र बनाया है परंतु इस तरह किसी महामारी से असमय काल में ही मृत्यु का ग्रास बन जाना भी तो हमारे देश की आर्थिक अर्थ व्यवस्था पर बुरा प्रभाव ही डालेगा ना।  


मैने अपने रसोई घर में प्रयोग होने वाले सभी मसाले जो शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाते हैं उनका उपयोग करना शुरू कर दिया जैसे हलदी , अदरक , दालचीनी , कलौंजी , तुलसी , सौंफ आदि  पहले तो लोग मुझपर हँसने लगे परंतु जब यही बात टेलीविजन पर प्रधानमंत्री ने कही तब सभी ने उनकी बात का समर्थन किया और गर्म पानी , काढ़ा इत्यादि पीना शुरू कर दिया यही बात भारत में रामबाण साबित हुई और धीरे - धीरे दूसरे देशों के मुकाबले यहाँ मरीजों की संख्या घटने लगी और हम तीसरे चरण में प्रवेश करने से बच गए ।


मैने अपने भगवान को धन्यवाद दिया जिसने हम सब में एक ऐसी शक्ति उजागर की जिसकी वजह से भारत के लोगों ने लॉकडाउन का पूर्ण रुप से पालन करके कोरोना जैसी भयंकर बीमारी पर विजय पा ली ।



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