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Parakh jain

Romance

3  

Parakh jain

Romance

विछड़ना

विछड़ना

5 mins
3

(यह कोई लैला मजनू की कहानी नहीं है जिसमें समाज प्रेम के विछड़ने का कारण बनता है यह वोह कहानी भी नहीं है जिसमे धर्म प्रेम के विछड़ने का कारण बनता है यह वोह कहानी भी नहीं है जिसमे अमीरी गरीबी विछड़ने का कारण बनती हैं यह वोह कहानी है जिसमें परिस्थिति विछड़ने का कारण बनती है।)

यह मधुर और कोमल की प्रेमे कहानी। दोनों कालेज के समय से एक दूसरे को जानते हैं। दोनों के प्रेम आज ५साल पूरे हो गए हैं दोनों ने साथ में इंजीनियरिंग की है। दोनों को साथ मैं एक आदर्श जोड़ी के भांति लगते थे। मानों भविष्य के पति पत्नी को देख रहे हो। दोनों के बीच की केमिस्ट्री देख लगता था दोनों एक दूसरे को कितने अच्छे से जानते हैं। इशारों मैं ही अक्सर एक दूसरे की बात समझ जाते थे। ऐसा नहीं है झगड़े नहीं होते थे लेकिन उनके झगड़े उनके बीच प्रेम बढ़ाने का माध्यम थे। एक दिन उनके बीच के प्रेम की जानकारी उनके घरवालों को लगती हैं। दोनों के घरवाले आधुनिक थे ऐसा भी नहीं था कि प्रेम के विरोधी थे मधुर के परिवार ने तो कोमल को बहु के रूप में भी स्वीकार कर चुका थे। लेकिन जो लड़की का पिता होता है उसके लिए बेटी के प्रेम संबंध को स्वीकार करना मुश्किल होता है भले ही वह कितना आधुनिक क्यो न हो।वोह अपनी को कितनी भी आजादी दे लेकिन उसे प्रेम करने की इज़जात कभी नहीं देता। इसलिए कोमल के पिता जब यह पता चलता है तो कोमल के पिता कोमल से नाराज हो जाते और कहते है बेटी ने उनकी दी गई स्वतंत्रता का गलत फायदा उठाया। लेकिन जब कोमल की मां उन्हे समझाती है तो वह लड़के से मिलने के लिए तैयार हो जाता हैं। वोह मधुर को परिवार के साथ अपने घर बुलाते हैं। मधुर परिवार के साथ कोमल के घर जाता है वोह अपने साथ रिश्ता पक्का करने के लिए प्रयोग होने वाली सब चीजे साथ मैं ले जाता है। मधुर परिवार के साथ कोमल के घर पहुंचता हैं। कोमल का परिवार भी मधुर के परिवार का अच्छे से स्वागत करता है जब मधुर का परिवार शादी पक्की करने के लिए शगुन रखता हैं तभी कोमल के पिता कहते है की शादी पक्की हो उससे पहले मेरी एक शर्त है मैं चाहता था कि मेरी बेटी की शादी उस लड़के से हो जो नौकरी करता हो जो स्थाई हो। लेकिन आपका बेटा तो अभी कोई नौकरी भी नहीं करता। तभी मधुर की मां बोलती है कैसी बात करते हो आप अभी इसकी पढ़ाई पूरी हुईं यह तो अपने कुछ चालू करना चाहता है इसलिए नौकरी नहीं कर रहा है जल्दी ही अपना स्टार्ट अप चालू करने वाला है । मधुर अपनी मां को शांत करता है और कोमल के पिता जी से पूछता है आप कहना क्या चाहते हैं। तभी कोमल के पिता बोलते हैं की यह रिश्ता तभी पक्का होगा अगर मधुर ६ माह के अंदर मुझे ५लाख कमाकर दिखाएगा नहीं तो मैं कोमल की शादी कही और कर दूंगा। यह सुनकर मधुर के परिवार स्तंभ रह जाता है लेकिन मधुर कोमल के पिता की चुनौती को स्वीकार करता है। मधुर अपने परिवार के साथ कोमल के घर से चला जाता है। वोह कोमल के पिता जी को दिया हुई चुनौती पूर्ण करने के लिए अपने दोस्तों के साथ अपने आइडिया के साथ स्टार्ट अप शुरू कर देता है। वो इसके लिए एक बिल्डिंग भी किराए पर लेता है। 

मधुर की काबिलियत और योग्यता कारण उसका स्टार्ट अप चल पड़ता है। वोह बड़ी कंपनी से निवेश पाने में भी सफल होता है। चार ही माह में वोह ४लाख रुपए इकट्ठा कर लेता है। यह जान कोमल के पिता बहुत खुश होते हैं की उसकी बेटी की शादी एक अच्छे लड़के से हो रही हैं लेकिन ५महीने में सब कुछ बदल जाता है मधुर के दोस्त जिसके साथ मधुर ने स्टार्ट अप शुरू किया था मधुर को धोखा देते है और पूरे बिजनेस से मधुर को अलग कर देते है। उसके द्वारा कमाए पैसे भी हड़प लेते हैं। मधुर का एक्सीडेंट हो जाता है जिससे पांव मैं मधुर को बहुत भयंकर चोट लगती हैं। कोमल के पिता जब मधुर और कोमल की कुंडली मिलते हैं तो उनकी कुण्डली में दोष मिलता है। दरअसल पता चलता है कि कोमल मांगलिक हैं और मधुर आमंगलिक और इनका विवाह होगा तो इससे लड़के के जीवन संकट में पड़ जायेगा। अगली सुबह मधुर की मां को एक बुरा सपना आता है कि जिसमे देवता उनसे कहते हैं कि मधुर और कोमल एक दूसरे के लिए नही बने हैं। ऐसा सपना मधुर और कोमल भी देखते हैं। ६ माह पूर्ण हो जाते हैं दोनों परिवार एक दूसरे से मिलते है जब कोमल के पिता मधुर से कहते बेटा मैंने तुम्हारी योग्यता देखी है मुझे पता है तुम्हारे दोस्तो ने तुम्हे धोखा दिया है मुझे पता है कि अपनी योग्यता से करोड़ों कमाआगे लेकिन तुम्हारे साथ जो कुछ हुआ साथ ही तुम्हारी और कोमल की कुंडली भी कहती कि तुम दोनों की शादी संभव नहीं। मधुर की मां भी कहती है कि बेटा मैंने भी एक बुरा सपना देखा वोह सपना तुम दोनों ने भी देखा मधुर का एक्सीडेंट भी हुआ अब जो तुम दोनों जो उचित समझो हमे मंजूर होगा। तभी कोमल कहती मधुर मुझे लगता हैं कि हमारा प्यारा साथ इधर ही तक था शायद विधाता ने हमारी किस्मत में यही लिखा है। तभी मधुर कहता तुम यही हो कोमल तो मैं इसे स्वीकार करूगा। लेकिन मैं तुम से वचन लूंगा की हम दोनों इससे आगे बढ़ेंगे और दोनो अलग हो जाते है।



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