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Parakh jain

Comedy

4  

Parakh jain

Comedy

बात का फैलना

बात का फैलना

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 सुरेश दुकान में बैठा है तभी उसे रश्मि का फोन आता है 

रश्मि फोन पर लगातार रोए जा रही थी 

(रोने की आवाज़ ओए ओए ओए)

फोन कट जाता है 

सुरेश घबराकर रश्मि के घर जाता है रश्मि का रोना अभी भी चालू है(रोने की आवाज ओए ओए ओए)

सुरेश रश्मि के पास जाता है और पूछता है क्या हुआ रश्मि तुम क्यों रो रही हो? रश्मि सुरेश को एक जोरदार थप्पड़ मारती हैं। और कहती है धोखेवाज कहिके तुमने मुझे धोखा दिया है। सुरेश रश्मि के थप्पड़ से गाल पकड़ लेता है । और आश्चर्य से पूछता है धोखा कैसे धोखा।

रश्मि रोते हुए उत्तर देती है तुमने सुरेखा से सगाई कर ली।(रोने की आवाज़ ओए ओए ओए) और फिर सुरेश को रोते पीटने लगती है और चिल्लाने लगती है धोखेबाज । सुरेश रश्मि से अपने आप को बचाता है। और कहता है मैने तुम्हे कोई धोखा नहीं दिया है। मैने नहीं की है सुरेखा से सगाई। लेकिन रश्मि सुरेश की बात नहीं मानती और उसे रोते हुए लगातार मारती हैं और चिल्लाती है धोखेवाज हो तुम।

सुरेश फिर से रश्मि से अपने को बचाता है और उसे शांत कर पूछता है कि तुम्हे सुरेखा से सगाई वाली बात किसने बताई। रश्मि उसे बताती हैं सालू दीदी आज सुबह आई थी तब उन्होंने कहा कि तू यहां बैठी बैठी क्या कर रहे है तेरे सुरेश की तो सुरेखा से सगाई हो गई। ऐसा बोलते बोलते रश्मि फिर रोने लगती हैं।

सुरेश उसे शांत करा कर शालू दीदी के पास ले जाता है।

वह शालू दीदी के घर पहुंचते है। सुरेश शालू दीदी से गुस्से में पूछता है क्यों हमारे रिश्ते मैं क्लेश करा रहीं हो

मेरी कब सुरेखा से सगाई हो गई।

शालू दीदी बड़े ताव से कहती है यह पूरे शहर को पता है 

मुझसे तो खुद विमला चाची ने बोला।

यह सुनकर रश्मि जोर जोर से रोने लगती हैं।(रोने की आवाज़ ओए ओए ओए)।

सुरेश फिर रश्मि को शांत करता है। और शालू दीदी से बोलता है आपसे विमला चाची ने बोला ना चलिए विमला चाची मेरे साथ अभी दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। 

और तीनों विमला चाची कहा पहुंचते है 

शालू गुस्से मैं विमला चाची को आवाज लगता है 

( विमला चाची,विमला चाची)

विमला चाची बाहर आती हैं।

जैसे ही विमला चाची बाहर आती हैं। सुरेश गुस्से मैं चाची से पूछता है क्यों विमला चाची तुमने शालू दीदी से कहा की मेरी सुरेखा से सगाई हो गई है। विमला चाची मना कर देती हैं। यह सुनकर शालू की हवाइयां उड़ जाती हैं। और वह कहती हैं कि चाची क्यो झूठ बोल रही हो सुबह आपने ही तो कहा था। विमला चाची कुछ याद करती हूं कहती हैं हां मैंने कहा तो था पर सगाई का कब बोला मैंने बोला था कि सुरेखा और सुरेश का रिश्ता पक्का हो गया। यह देख सुरेश गुस्से से शालू दादी को देखता है। तब शालू दीदी मुस्करा करा बोलती हैं शादी पक्की मतलब सगाई ही तो होता है यह बोलकर वोह भाग जाती हैं। तब सुरेश रश्मि से कहता देखा मेरी और सुरेखा की सगाई नहीं है। लेकिन रश्मि पुन: रोना चालू कर देती हैं।(रोने की आवाज़ ओए ओए ओए) और बोलती है लेकिन तुम्हारी शादी तो उस चूड़ैल से पक्की हो गई है। सुरेश विमला चाची को देखता है और पूछता है आपसे मेरी शादी पक्की होने की बात किसने की तो विमला चाची बोलती हैं तेरी मां ने और किसने अब तेरी मां थोड़ी मुझसे झूठ बोलेगी। यह सुनकर फिर रश्मि रोने लगती हैं।(रोने की आवाज़ ओए ओए ओए) सुरेश उसे शांत करता है।

और विमला चाची और रश्मि को लेकर घर जाता है। वह घर पहुंचता है तो मां गेहूं साफ करने का काम कर रही होती हैं। वोह मां के पास पहुंचता है और मां से कहता है मेरी और सुरेखा की शादी कब पक्की हो गई और तूने यह विमला चाची को बताई है क्या। मां इनकार कर देती हैं और विमला चाची से कहती है विमला मैंने कब कहा तुमसे से की सुरेखा और सुरेश की शादी तय हो गई। यह सुनकर सुरेश गुस्से में विमला चाची को देखता है। तब विमला कहती भाभी झूठ क्यों बोल रही हो सुबह जब चीनी लेने आई थी तभी तो बोला था मां याद करती हैं और बोलती सुबह मैंने तोह बोला था सुरेखा अच्छी लड़की हैं यदि सुरेश को पसंग है तो उसे देखने उसके घर जायेगे। यह सुन सुरेश विमला चाची की ओर देखता है तब विमला कहती हैं देखने जाना मतलब पक्की होना तो है।ऐसा बोलकर वोह भाग जाती हैं। फिर वो रश्मि को देखता वह अब भी रो रही थी वह पूछता अब तुम क्यों रो रही है। तो वह बोलती है तुम्हारी मां ने बोला तुम सुरेखा को पसंद करते हों।

(रोने की आवाज़ ओए ओए ओए) तब सुरेश की मां उससे पूछती हैं यह लड़की कौन हैं। तब सुरेश बोलता है यह रश्मि और इससे प्यार करता और इससे ही शादी करूंगा ना कि सुरेखा से। और पूछता है मां तुम्हे रश्मि कैसे लगी तो मां उत्तर देती ठीक है लेकिन सुरेखा ज्यादा अच्छी है । यह सुन रश्मि और रोने लगती हैं (रोने की आवाज़ ओए ओए ओए)।

सुरेश कहता है अरे मां तब मां कहती है मैं तो मजाक कर रही थी। यह सुन सुरेश रश्मि को शांत करा ता है। और मां से पूछता है तुमसे किसने कहा की मैं सुरेखा को पसंद करता हूं। मां बोलती है चंदू ने (चंदू सुरेश की दुकान में काम करने वाला नौकर) । सुरेश दुकान से चंदू को बुलाता है चंदू दुकान से आता है और बोलता मालिक आपने बुलाया। सुरेश चंदू से कहता क्यों चंदू तूने मां से कहा की मैं सुरेखा को पसंद करता हूं। तब चंदू बड़े भोलेपन से कहता मालिक आप ही तो उस दिन सुरेखा मैडम से प्यार से बात कर रहे थे और जब वह दुकान पर आईं तो उसे आपने जूस भी पिलाया था। आपने कभी किसी ग्राहक को तो पहले जूस नहीं पिलाया।

यह सुन रश्मि चंदू को रोते हुए नहीं बल्कि गुस्से मैं थप्पड़ मार देती है। और कहती पराई लड़कियों को जूस पिलाते अब तुम मुझसे कभी बात मत करने।और वह गुस्से में चली जाती है। सुरेश चिल्लाता है अरे उसको जानता था इसलिए पिलाया था। और गुस्से से नौकर को देखते है क्योंकि कैसे उसके कारण छोटी सी बात बड़ी बन गई(सुरेश रश्मि के पीछे उसे मनाने जाता हुआ)


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