नाम का ना मिलना
नाम का ना मिलना
आपने रिश्ते टूटने के बहुत से कारण सुने होगे जैसे लड़का लड़की एक दूसरे को पसंद न करना, कुंडली न मिलना, 36 गुणों का मिलना आदि लेकिन आज जो मैं आपको रिश्ता टूटने की जो वजह बताने वाला हूं वह भूमंडलीकरण के कारण सम्भव है। तो चलिए शुरू करते है। कहानी मैं लड़के का नाम परख है और लड़की का नाम नम्रता दोनों एक दुसरे को पसंद करते थे उन दोनों के रिश्ते तोड़ने का समाज के पास कोई कारण नहीं था न जातिवाद न धर्म और न ही अमीरी गरीबी। क्योंकि दोनों एक ही धर्म जाति थे। और आर्थिक मामले मैं भी दोनों की परिस्थितियों भी समान थी। कुण्डली के स्तर पर भी दानों के 36-36 गुण मिलते थे। मानवीय स्तर पर भी ऐसा लगता था कि मानो दानों एक दूसरे के लिए बने है। दोनों के परिवार भी शादी के लिए सहमत थे। दोनों शादी के कार्ड भी छप गया था लेकिन उसी समय एक समस्या आ गई उनके नाम का नहीं मिलना। आसान शब्दों मैं कहूं जिस प्रकार विराट और अनुष्का मिलकर विरूष्का बनता है। उसी प्रकार परख और नम्रता के नाम नहीं मिल रहे थे। अर्थात ऐसा नाम नहीं मिल रहे जिससे सोशल मीडिया मैं शादी को याद किया जाना संभव था। # बनाना नामुमकिन हो गया था जिसके बिना शादी कैसे संभव थी।
आज के समय गुण मिले न मिले नाम मिलने चाहिए जिससे लोग आपकी शादी को हर साल याद कर सके। शुक्र है यह नियम इतिहास में लागू नहीं थे नहीं तो राम–सिया कृष्ण द्रौपदी की जोड़ी भी नहीं बनती। और नाम न मिलने के कारण परख और नम्रता का रिश्ते टूट जाता है।
