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Priyanka Gupta

Drama Inspirational

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Priyanka Gupta

Drama Inspirational

वह एक मजबूत माँ है #prompt29

वह एक मजबूत माँ है #prompt29

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कुछ लोगों ने अपनी सोसाइटी में रहने वाले डॉक्टर्स को हॉस्पिटल से लौटने पर घर में घुसने नहीं दिया। अखबार की खबर पढ़कर कावेरी का मन बहुत खट्टा हो गया था। अभी कुछ दिन पहले ही तो सब लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कोरोना वारियर्स का स्वागत और धन्यवाद किया था और अब उन्हें उनके घरों में ही घुसने से रोक रहे हैं। इस कोरोना ने हम सब इंसानों को बेनकाब कर दिया है। हमारा पाखंड खुलकर सामने आ गया है। 

कावेरी भी तो एक तरफ खुद को मजबूत दिखाती है और बड़े गर्व से सबको फ़ोन पर बताती रहती है कि वह कोरोना वारियर की माँ है ;वहीँ दिन -रात चिंता में घुली जाती है। दिन में कई बार अपनी बेटी तृषा को मैसेज करती है और जब तक 2 नीले रंग के टिक मार्क दिख नहीं जाते ;उसकी साँसें ऊपर- नीचे होती रहती हैं।  

"बेटा, दिन रात तुम दोनों की चिंता लगी रहती है। तुम कुछ दिन की छुट्टियाँ लेकर आ जाओ। जब स्थिति थोड़ी बेहतर हो जाए, तब वापस लौट जाना। ",कावेरी ने अपनी बेटी तृषा से फ़ोन पर कहा। 

"मम्मी, एक तो डॉक्टर्स को इस समय छुट्टी नहीं मिलेगी और दूसरा मिलती भी तो मैं और करण छुट्टी नहीं लेते। आज जब लोगों को हमारी जरूरत है, तब हम कैसे अपने फ़र्ज़ से मुँह मोड़ सकते हैं। ",तृषा ने कहा। 

"बेटा, एक -एक दिन राम -राम कहकर गुजरता है। तेरे हर एक फ़ोन कॉल के साथ मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है। ",कावेरी ने फिर कहा। 

"मम्मी तो आपको अब से फोन नहीं करूँगी। ",तृषा ने कहा। 

"नहीं बेटा, शायद सभी डॉक्टर्स के घरवालों को चिंता लगी रहती है। मैं पहले एक माँ हूँ और फिर एक डॉक्टर की माँ। ",कावेरी ने कहा। 

"अरे मम्मी, तो आपने मुझे डॉक्टर ही क्यों बनाया। अपनी ज़िन्दगी के 10 साल पन्ने काले करने और किताबें चाटने में बेकार कर दिए। मेरी साथ की लड़कियाँ तो २-2 बच्चों की माँ भी बन गयी हैं। ",तृषा ने कहा। 

"तुझसे तो बातों में कौन जीत सकता है। जब तुझे डॉक्टर बनाने का सोचा था, तब यह कोरोना नहीं था न, मेरी कोरोना वारियर। ",कावेरी ने कहा। 

"मम्मी, एक तरफ वारियर भी कहती हो और दूसरी तरफ डरती भी हो। डरो मत, घर में ही रहो, सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन करो, ताकि हम कोरोना वारियर्स का काम आसान हो और जल्द ही सब ठीक हो जाए। ",तृषा ने कहा। 

"हां बेटा, तू सही कह रही है। सब कुछ जल्द से जल्द ठीक हो जाए। ",कावेरी ने फ़ोन रख दिया था। 

डॉक्टर भगवान् का रूप होता है, भगवान् के बाद डॉक्टर ही तो इंसानों को ज़िन्दगी देते हैं। कावेरी को भी तो डॉक्टर्स ने ही दूसरी ज़िन्दगी दी थी, इसीलिए तो उसने अपनी बेटी तृषा को डॉक्टर बनाने का निर्णय लिया था। आज जब उसे मजबूती से अपने बेटी को अपना फ़र्ज़ निभाने के लिए प्रेरित करना चाहिए, तब वह उसे छुट्टियाँ लेने के लिए कैसे बोल सकती है ?नहीं, वह एक मजबूत माँ है। सभी कोरोना वारियर्स की मेहनत एक दिन जरूर रंग लाएगी और सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा। 


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