STORYMIRROR

Sukhwinder Singh Rai

Romance

4  

Sukhwinder Singh Rai

Romance

​वेटर की अधूरी मोहब्बत

​वेटर की अधूरी मोहब्बत

5 mins
2

शहर के सबसे महंगे और आलीशान होटल की पाँचवीं मंज़िल पर शीशे की बड़ी-बड़ी खिड़कियों से पूरा शहर रोशनी में नहाया हुआ दिख रहा था। लेकिन उस चमक-दमक से दूर, सर्विस एरिया के ठंडे कोने में खड़ा आर्यन अपनी वेटर की सफ़ेद शर्ट की आस्तीनों को ठीक कर रहा था। उसके चेहरे पर फैली थकावट और आँखें मूँदकर ली गई एक लंबी साँस उसके चौबीस घंटे के दर्द को बयां कर रही थी। घर में माँ की दवाइयों का ख़र्च और सिर पर चढ़ा कर्ज़—इसी मजबूरी ने उसके स्वाभिमान को इस वेटर की यूनिफॉर्म में कैद कर दिया था। उसने कभी रिया को यह सच नहीं बताया था। जब भी रात को फ़ोन पर बात होती, वह खिड़की के बाहर देखते हुए झूठ बोल देता था, "रिया, मैं इस शहर के सबसे बड़े होटल का मैनेजमेंट संभालता हूँ, बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है मेरे सिर पर।" रिया उसकी हर बात पर आँख मूँदकर भरोसा करती थी और आर्यन उसी झूठी दुनिया के सहारे अपनी इस कड़वी हकीकत को छुपाए बैठा था। 💼🧥 रात के ठीक नौ बजे थे। होटल के वीआईपी केबिन का भारी महोगनी दरवाज़ा खुला। हल्की जैज़ म्यूज़िक की धुनों के बीच एक बेहद अमीर घराने का लड़का अंदर दाखिल हुआ, और उसके ठीक पीछे—रिया थी। रिया ने गहरे लाल रंग का एक बेहद ख़ूबसूरत सूट पहना हुआ था, उसके खुले बाल कंधों पर बिखरे थे और चेहरे पर वही चिर-परिचित मासूम सी मुस्कान थी। वह अमीर लड़का बहुत ही अदब से आगे बढ़ा, उसने रिया के लिए कुर्सी पीछे खींची और बड़े प्यार से बोला, "प्लीज़ बैठो रिया, इस शहर का सबसे बेस्ट पास्ता यहीं मिलता है। आई होप तुम्हें यह जगह पसंद आएगी।" रिया ने मुस्कुराकर अपनी पलकें झुकाईं और कहा, "थैंक यू रोहन, जगह वाकई बहुत ख़ूबसूरत है।" 👑✨ तभी मैनेजर की आवाज़ आर्यन के कानों में गूँजी, "टेबल नंबर चार पर पानी सर्व करो, तुरंत!" आर्यन ने हाथ में पानी का काँच का जग उठाया, अपनी यूनिफॉर्म को एक बार फिर सीधा किया और गहरी साँस लेकर उस केबिन की तरफ बढ़ गया। जैसे ही वह टेबल के पास पहुँचा, उसने झुककर पहला ग्लास टेबल पर रखा। तभी उसकी नज़र सामने बैठी लड़की के चेहरे पर ठहर गई। वही आँखें, वही चेहरा, वही मुस्कान... वह रिया थी। 🥺💥 आर्यन के हाथ में पकड़ा हुआ काँच का जग बुरी तरह काँपने लगा। उसके पूरे शरीर से जैसे जान निकल गई। थरथराते हाथों की वजह से पानी की कुछ बूंदें टेबल के कीमती क्लॉथ पर बिखर गईं। पानी गिरते ही रिया ने चौंककर अपनी आँखें ऊपर उठाईं। जैसे ही उसकी नज़र वेटर की यूनिफॉर्म में खड़े आर्यन पर पड़ी, उसके चेहरे की पूरी रंगत उड़ गई। उसकी आँखों की पुतलियाँ फैल गईं, होंठ हल्के से खुल गए और हाथ में पकड़ा हुआ मेन्यू कार्ड उसकी उँगलियों से छूटकर नीचे गिर गया। जिसे वह अपनी पूरी कायनात समझती थी, जो फ़ोन पर उससे हज़ारों बड़ी-बड़ी बातें करता था, वह आज एक मामूली वेटर की ड्रेस पहने, माथे पर पसीने की बूंदें लिए उसके सामने खड़ा था। रिया के चेहरे पर पहले गहरी हैरानी आई, फिर एक तल्ख़ ख़ामोशी छा गई। उसकी आँखों में एक अजीब सी शर्मिंदगी और धोखे का दर्द साफ़ झलकने लगा। उसने अपनी काँपती आवाज़ को संभाला, चेहरे को सख़्त किया और अपनी नज़रें फेरते हुए रोहन से कहा, "रोहन, प्लीज़ वेटर को बोलो कि यहाँ से जाए। मुझे इस टेबल पर नहीं बैठना।" 😒💔 रोहन ने गुस्से में अपनी भौंहें सिकोड़ीं और आर्यन को ऊपर से नीचे तक देखते हुए मेज़ पर हाथ मारकर चिल्लाया, "तुम्हें तमीज़ नहीं है? देखकर काम नहीं कर सकते क्या? वाटर जग भी ढंग से नहीं संभलता तुमसे? बुलाऊँ तुम्हारे मैनेजर को? बदतमीज़ कहीं के!" आर्यन का गला सूख चुका था, उसके सीने में जैसे कोई भारी पत्थर रख दिया गया हो। उसने एक पल के लिए रिया की तरफ देखा, इस उम्मीद में कि शायद उसकी रिया उसे पहचान लेगी, शायद वह उसका हाथ थामकर कहेगी कि कोई बात नहीं। लेकिन रिया ने अपनी आँखें बंद कर ली थीं, जैसे वह उसका चेहरा भी नहीं देखना चाहती हो। आर्यन ने अपने बहते आंसुओं को रोकने के लिए अपने निचले होंठ को दाँतों से भींचा, अपनी गर्दन को जितना झुका सकता था झुकाया, और बेहद काँपती, दबी हुई आवाज़ में कहा, "I am sorry, sir... मुझसे ग़लती हो गई।" वह उलटे पैरों वहाँ से भागा और सीधे होटल के पिछले सुनसान, अंधेरे डंपयार्ड वाले कोने में चला गया। 🏃‍♂️😭 वहाँ दीवारों के सहारे घुटनों के बल बैठकर आर्यन फूट-फूट कर रो पड़ा। उसकी सिसकियों की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। वह अपनी आँखें मूँदकर पागलों की तरह अपने ही सिर को दीवारों से टिका रहा था। उसकी आँखों से बहता पानी उसकी सफ़ेद शर्ट के कॉलर को पूरी तरह भिगो चुका था। जिस गरीबी से वह भाग रहा था, जिस सच को छुपाने के लिए उसने झूठ का महल खड़ा किया था, आज उसी सच ने उसकी मोहब्बत की चिता जला दी थी। वह समझ गया था कि रिया के दिल में अब उसके लिए सिर्फ नफ़रत बची है। काँपते और ठंडे पड़ चुके हाथों से आर्यन ने अपनी जेब से पुराना फ़ोन निकाला। स्क्रीन के टूटे हुए काँच पर आँसू की एक बड़ी सी बूंद गिरी। उसने रिया की चैट विंडो खोली, जहाँ कुछ देर पहले तक उसने 'आई लव यू' लिखा हुआ था। उसने रोते हुए, धुँधली पड़ चुकी आँखों से आख़िरी मैसेज टाइप किया: > **"अभी नया-नया दिल टूटा है रिया, तो कुछ दिन तो तुम ज़रूर रोओगी... शायद मेरे इस वेटर वाले वजूद पर, या फिर मेरे उस कमज़ोर झूठ पर जिसने हमारे रिश्ते को खोखला कर दिया। 😢** > **पर मुझे मालूम है... कुछ ही दिनों बाद तुम इस कड़वे सच को भुलाकर किसी और की बाँहों में उतनी ही ख़ूबसूरत मुस्कान के साथ हँस रही होगी। तुम आगे बढ़ जाओगी रिया, और मैं तुम्हारी ज़िंदगी का एक ऐसा दाग़ बनकर रह जाऊँगा जिसे तुम हमेशा के लिए मिटा देना चाहोगी।"** 🥀🚶‍♂️ > यह मैसेज सेंड होते ही आर्यन ने काँपती उँगलियों से फ़ोन की बैटरी निकाल दी और उसे ज़मीन पर फेंक दिया। रात के काले सन्नाटे में, होटल की आख़िरी बत्ती भी बुझ चुकी थी, और एक आशिक अपनी बिखरी हुई क़िस्मत और आंसुओं के समंदर में पूरी तरह डूब चुका था। 🌌💔 ### **सुखविंदर की कलम से...**✍️❤️ > "दिखावे की झूठी इमारतों से कहीं बेहतर, सच की एक छोटी सी झोपड़ी होती है। मोहब्बत में कभी अपनी मजबूरी छुपाने के लिए झूठ का सहारा मत लेना दोस्तों, क्योंकि जब उस झूठ का पर्दा गिरता है, तो सच से ज़्यादा उस धोखे का दर्द इंसान को ताउम्र के लिए मार देता है।" 🤝💔 >  


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Romance