विलायती मेम पंजाबी मुंडा
विलायती मेम पंजाबी मुंडा
लड़ाई लफ़्ज़ों की: जब देसी की भिड़ंत हुई विलायती से
चंडीगढ़ के सेक्टर-17 की उस भीड़-भाड़ वाली मार्केट में आज धूप कुछ ज़्यादा ही तीखी थी। आर्यन अपनी काली, चमचमाती रॉयल एनफील्ड (बुलेट) के पास खड़ा था। उसने एक दम कड़क, दूध जैसा सफ़ेद सूती कुरता-पजामा पहना हुआ था, जिस पर एक भी सिलवट नहीं थी। उसके पैरों में भूरे रंग की देसी जूती थी और चेहरे पर वो ठेठ पंजाबी गुरूर, जैसे पूरा चंडीगढ़ उसी के बाप का हो। वह अपनी मूंछों को ताव देते हुए बुलेट के शीशे में खुद को निहार रहा था।
तभी सामने से रिया आ रही थी। रिया की चाल में वो शहर की 'हाई-स्पीड' वाली जल्दबाज़ी थी। उसने आँखों पर एक बहुत बड़ा सा, काले रंग का प्राडा (Prada) का चश्मा लगाया हुआ था, कानों में एयरपॉड्स ठूंसे हुए थे, और एक हाथ में 'स्टारबक्स' की ठंडी, बर्फ वाली कैरेमल फ्रापे (कॉफी) पकड़ी हुई थी। उसका सारा ध्यान अपने आईफोन की स्क्रीन पर था, जहाँ वह किसी को तेज़-तेज़ वॉइस नोट भेज रही थी।
"नो वे! दैट इज़ सो रिडिक्युलस..." रिया फोन में चीखी।
और इसी 'रिडिक्युलस' के साथ... धड़ाम!
रिया की टक्कर सीधे आर्यन के चौड़े सीने से हुई। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, रिया के हाथ से वो ठंडी, भूरी कॉफी उछली और आर्यन के उस दूध जैसे सफ़ेद, कड़क कुरते पर किसी गंदे नाले के पानी की तरह फैल गई।
एक सेकंड के लिए तो मार्केट का जैसे सारा शोर ही रुक गया।
आर्यन ने अपनी छाती पर गिरे उस भूरे, चिपचिपे दाग को देखा और फिर अपनी भड़कती हुई लाल आँखों से उस लड़की को। उसकी छाती का पारा 100 डिग्री पार कर चुका था।
इससे पहले कि आर्यन अपना मुँह खोलता, रिया ने अपना चश्मा सिर पर खिसकाया और अपनी बड़ी-बड़ी आँखें निकालकर, तीखी और तेज़ आवाज़ में इंग्लिश की मशीनगन चला दी:
"वॉट द हेल! आर यू ब्लाइंड? कांट यू सी व्हेयर यू आर स्टैंडिंग? यू जस्ट रूइन्ड माय थर्टी-डॉलर कॉफी! इडियट!" (What the hell! Are you blind? Can't you see where you're standing? You just ruined my $30 coffee! Idiot!)
आर्यन का दिमाग सुन्न हो गया। उसे 'हेल', 'ब्लाइंड' और 'इडियट' में से कुछ पल्ले नहीं पड़ा। उसे लगा जैसे सामने कोई फिरंगी चिड़िया 'कीटर-पीटर-चीटर' कर रही है। लेकिन लड़की के हाथ नचाने का अंदाज़ और चेहरे का गुस्सा बता रहा था कि वो माफ़ी नहीं मांग रही, बल्कि उलटा उसी को आँखें दिखा रही है।
आर्यन का देसी ईगो जाग उठा। उसने अपना बायां हाथ हवा में उठाया, अपनी आवाज़ को बेस दिया और पूरे बाज़ार को सुनाते हुए दहाड़ा:
"ओ बीबा! ब्रेक फेल हो गए सी तेरे? या अख्खां ते बटन लगे ने? अंधी होके तुरी आ रही ऐ, मेरा ढ़ाई हज़ार दा चिट्टा कुरता खराब कर दिता, ते उत्ते धौंस जमा रही ऐ? अंग्रेज़ां दी मासी बणी फिरदी ऐ!"
अब रिया के फ्यूज़ उड़ने की बारी थी। उसे 'बीबा', 'अख्खां' और 'चिट्टा' तो छोड़ो, आर्यन का वो भारी-भरकम पंजाबी लहज़ा किसी एलियन की भाषा जैसा लगा। लेकिन आर्यन की ऊँची आवाज़ और तने हुए सीने को देखकर रिया का पारा और चढ़ गया। उसने अपने दोनों हाथ अपनी कमर पर रखे और अपना एक पैर ज़मीन पर पटकते हुए चीखी:
"एक्सक्यूज़ मी?! डोंट यू डेयर रेज़ योर वॉइस एट मी! यू हैव ज़ीरो मैनर्स! नो सिविक सेंस एट ऑल! दिस इज़ अनबिलीवेबल!" (Excuse me?! Don't you dare raise your voice at me! You have zero manners! No civic sense at all! This is unbelievable!)
आर्यन ने अपनी मूंछ पर हाथ फेरा। उसे सिर्फ एक शब्द समझ आया—'ज़ीरो'।
"ओ ज़ीरो की कह रही ऐ तू?" आर्यन ने अपना चेहरा रिया के थोड़ा करीब किया, उसकी आँखों में एक अजीब सी चिढ़ थी। "कदे मेरे पिण्ड आके पुछीं, सरपंची ऐ साडी! तैनू मैं ज़ीरो लगदां? एह जो तू काला-पीला पानी मेरे उत्ते डोल्या ऐ ना, मुआफ़ज़ा दे मेरे कुरते दा! चल, कढ पैसे!"
रिया ने अपना सिर ऐसे पीटा जैसे वो किसी दीवार से बात कर रही हो। उसे लगा आर्यन उससे पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहा है। उसकी साँसें तेज़ चलने लगीं।
"आर यू सीरियसली आस्किंग मी फॉर मनी? फॉर दैट चीप लुकिंग शर्ट? यू आर अ जोक! आई एम कॉलिंग द कॉप्स!" (Are you seriously asking me for money? For that cheap looking shirt? You are a joke! I am calling the cops!) रिया ने अपना फोन निकालते हुए हवा में लहराया।
आर्यन ने 'कॉप्स' (पुलिस) शब्द नहीं समझा, पर फोन देखकर उसे लगा कि ये लड़की अपने घर वालों या गुंडों को बुला रही है। आर्यन ने चौड़ी छाती की और हँसते हुए अपने दोनों हाथ अपनी कमर पर रख लिए।
"अच्छा? फोन ला रही ऐ? ला ले, ला ले! जिन्नू मर्जी सद्द ले अज्ज! मैं वी इत्थे ही खड़ां! तू मेरा कुरता खराब कीता ऐ, आज तां फैसला हो के रवेगा। फालतू दी 'अंग्रेज़ी' झाड़ रही ऐ मेरे अगे। 'वॉट-वॉट' करदी ऐ, वॉट ला दांगा मैं तेरी अज्ज!"
आस-पास लोगों की भीड़ जमा हो चुकी थी। कुछ लोग अपने फोन निकालकर वीडियो बना रहे थे।
तभी रिया ने फ्रस्ट्रेशन में अपने बाल पीछे किए और गहरी साँस लेकर, आर्यन को ऊपर से नीचे तक घूरते हुए बोली, "यू नो वॉट? यू आर जस्ट एन इल्लिट्रेट बंपकिन! टॉकिंग टू यू इज़ अ वेस्ट ऑफ माय टाइम। लूज़र!" (You know what? You are just an illiterate bumpkin! Talking to you is a waste of my time. Loser!)
आर्यन ने 'लूज़र' शब्द पंजाबी गानों में सुना था, जिसका मतलब उसे पता था कि कोई हारने वाला या बेवकूफ होता है। बस फिर क्या था, आर्यन की आँखों में सच में खून उतर आया।
"ओये लूज़र कीनू केहा तू? ओये कुड़िये, जुबान लगाम दे विच रख! मैं शरीफ घर दा मुंडा हां, तांही चुप खड़ां, वरना तेरे वरगी नू तां मैं बुलेट दे पीछे बन्न के..."
"ओह शट अप! जस्ट शट अप!" रिया ने अपने दोनों कानों पर हाथ रख लिए। आर्यन की ऊँची आवाज़ से उसके कानों के पर्दे फट रहे थे। उसने आर्यन को एक आख़िरी, ज़हरीली और गुस्से से भरी लुक दी, अपने फोन को झटके से बैग में डाला और अपनी ऊँची हील को ज़मीन पर खटखटाते हुए, बडबडाती हुई दूसरी तरफ मुड़ गई।
"क्रेज़ी मैन! अब्सोल्युटली क्रेज़ी ल्यूनेटिक!" (Crazy man! Absolutely crazy lunatic!) रिया की आवाज़ दूर तक गूँजी।
आर्यन वहीं खड़ा रहा। उसने अपने कॉफी वाले, गंदे भूरे कुरते को देखा और फिर रिया की उस अकड़ कर जाती हुई पीठ को।
"लो दस्सो! मुँह चो अंग्रेज़ी मुकदी नी, ते अकल धेले दी नी! मेरा कुरता खराब कर गई 'अंग्रेज़ां दी मासी'!" आर्यन ने बड़बड़ाते हुए अपनी बुलेट में किक मारी। बुलेट की 'डग-डग-डग' आवाज़ ने उसके गुस्से को और बढ़ा दिया।
प्यार तो बहुत दूर की बात थी, आज चंडीगढ़ की उस सड़क पर दो बिल्कुल अलग दुनियाओं की ऐसी भयंकर टक्कर हुई थी, जिसकी गूँज अभी बहुत दिनों तक दोनों के दिमाग में बजने वाली थी। अंग्रेज़ी और पंजाबी की ये महाभारत तो बस अभी शुरू हुई थी!
सुखविंदर की कलम से
