उपहार
उपहार
सफर में हूँ। मन में एक उमंग भी है तुमसे मिलने की।मिलकर जी भर तुमको देखने की।कम लोगों का पता है कि ये उमंग भी एक कामना होती है और जिन्हें ये पता है कम से कम वे कभी नहीं कह सकते कि कामना के बोझ से जीवन दूभर हो जाता है।भटक जाता है अपने रास्ते से।मुझे लगता है मेरी उमंग भी एक कामना है जो मेरे जीवन को उत्साह से भर रही है।उम्मीद से सराबोर कर रही है।हौसला दे रही है।एक तरह से एकाग्र कर रही है मुझे तुमसे मिलने के लिये।
यह सब मैं यूँ नहीं कह रहा हूँ।मैंने महसूस किया है जीवन में तुमसे मिलने के सफर में।सचमुच मुझे फर्क नहीं महसूस होता है कि मौसम पतझड़ का है या बसन्त का।शीत लहरी चल रही है या गर्म हवा झुलसा रही है मेरे जिस्म को।हमेशा मेरे जेहन में तुमसे मिलना होता है और नजरें उस रास्ते पर होती हैं जो तुम तक जाती हैं। कामना न हो तो जीवन मे क्या शेष बचेगा।कामना है तो जीवन मे गति है।
हंसी है मुस्कान है तरन्नुम हैं।कामना विहीन आदमी निष्क्रिय हो जाता है।कोई कुछ भी कहे कामना विहीन आदमी को त्यागी, संतोषी,सन्त,महात्मा ,और भी चाहे जो कुछ भी उसके अंदर की भलाई की वजह से वो आदमी निष्क्रिय रहेगा ठीक ठीक पत्थर के भगवान की तरह। मेरी तो एक ही कामना है वो है बस तुमसे मिलना।कोई और चीज मुझे अच्छी नहीं लगती इस पूरी दुनिया मे तुम्हारे सिवाय।कोई कामना भी मेरी नहीं है तुम्हारे सिवाय।तुम तक सफर में दुनिया को देखने का समझने का अवसर मुझे खूब मिला है उन अवसरों से भी मैं संतुष्ट हूँ।
हां मैंने देखा है ऐसे तमाम लोगों को ऐसी तमाम चीजों को हासिल करने के लिये ब्यस्त और अतिब्यस्त जो मेरे किसी मतलब की नहीं है ।मैंने उन्हें देखा है सुलभ थीं लेकिन मैं तुम्हारी तरफ चलने में ब्यस्त रहा।उनको पता होगा उन चीजों का महत्व जीवन के लिये जैसे मुझे पता है तुमसे मिलने का महत्व।मुझे नहीं लगता कि कोई ये जानता है कि मेरी मन्जिल तुम हो।मेरी कामना तुम हो।मुझे नही लगता कि तुम्हारा कोई महत्व है उनके लिये।कई बार मैंने महसूस किया है कि लोग जिन चीजों की तलाश में ब्यस्त थे उन्ही को छोड़कर आगे चलते जा रहे हैं।चलते जा रहे हैं।
कई कई बार तो ऐसा भी लगा है कि लोग खुद को छोड़कर आगे चलते जा रहे हैं।कई बार मैं सोचता हूँ और सच मानो तो दुखी भी हो जाता हूँ कि ये जो खुद को छोड़कर आगे चलते जा रहे हैं अपने जीवन में।अगर अपनी वांछित चीज पा भी गये तो उनका उपयोग ही क्या है उनके लिये ।कुछ पा भी गये तो खुद को तो छोड़ आये हैं कहीं खुद पीछे।अपने जैसे भी नहीं रहे वांछित चीज पाते पाते।कई बार मुझे लगता है कुछ अपने लिए हासिल करने के लिये औरों के कहने पर सफर में हैं।इनकी अपनी मंजिल भी दूसरे की निर्धारित की हुई मन्जिल है।ये अपने लिए नहीं दूसरे के लिये चल रहे हैं।इन्हे खुद भी पता नही है जिन चीजों के लिए वे दौड़ रहे हैं इनकी उनको बड़ी जरूरत है ।
जब वो खुद ही नही है तो वो मिल भी गया जिसके लिये सफर में है उसका उपयोग उनके लिये क्या है। चलो ये दुनिया है।जैसी है वैसी है।जैसी बनायी लोगों ने वैसी है।अब इन्हें सुनने लगें तो हे भगवान इतनी शिकायतें हैं इनकी दुनिया के विषय में कि पूछो मत।जैसे ये दुनिया रहने लायक नहीं है।कितने खुदगर्ज लोग हैं इस दुनिया में।कितने क्रूर लोग हैं इस दुनिया में।कितने धोखेबाज लोग हैं इस दुनिया मे।मरने और मारने पर उतारू हैं लोग इस दुनिया में।सबकी अपनी अपनी धुनि है।
जैसे ये दुनिया आसमान से टपकी है अरे भाई जैसी बनायी गयी है वैसी ही है ये दुनिया।फिर शिकायत कैसी।फिर शिकायत किसकी।अगर शिकायत भी है तो सुनता कौन है।जो खुद की नही सुनते उनमें गजब की उम्मीद है कि ये दुनिया उनकी सुनेगी।जिन्हें अपनी कमियां ज्ञात नहीं है वो दुनिया मे कमियां निकालने में ब्यस्त हैं।जो खुद से प्रेम नहीं करते वो दुनिया से अपने प्रेम के किस्से सुनाते है। किस्से भी ऐसे ऐसे कि सुनते सुनते एक जीवन बीत सकता है।जीवन बीत सकता है और इनके किस्से खत्म होने वाले नही है।
एक कहानी खत्म हुई की दूसरी शुरू।दूसरी खत्म हुयी की तीसरी शुरू।आजकल तो कुछ अजीब सी हो गयी ये दुनिया और इस दुनिया में रहने वाले लोग।कहानियां दुहरा रहे हैं।इनके पास कोई नयी कहानी भी नही है।ये कोई नई कहानी सुनाने की सोचते भी नही।जब सोचते ही नही तो सुनाएंगे क्या।अब कोई इन्हें बताये जो कहानियां ये सुना रहे हैं किसी ने उन कहानियों को अंजाम दिया है।
किसी ने अपने जीवन मे कुछ किया है तब एक कहानी बनी है उनकी।जीवन कहानी से नही चलता।जीवन कहानी नही है।जीवन चलने का नाम है और चलते रहने से नयी नयी कहानियां बनती रहती रहती हैं।जो कहानी में खो जाय वो जीवन चलते हुए भी निष्क्रिय है।जो निष्क्रिय होते हुये भी नयी कहानी बन जाय वो जीवन ही सक्रिय जीवन है और यकीनन वो कहानी बना रहा है क्योंकि जी रहा है।जी रहा है इसलिए नयी कहानी बन रही है।
अब इन कहानी सुनाने वालों कौन समझाए की कहानी मत सुनाओ हो सके तो कहानी बनो। बहरहाल छोड़ो उनकी बातें।मैं तुम्हे देख रहा हूँ।मैं तुम्हें सुन रहा हूँ और तुमसे मिलने के लिए सफर में हूँ। मैंने सोच लिया है कि जब तुमसे मिलूंगा तो एक उपहार दूंगा तुम्हें।तुम्हें तो पता है मेरे पास तुमको देने के लिए कुछ है ही नही।मेरे पास तुमको देने के लिए कुछ है नही तो मैं चलते चलते एक तस्वीर बना रहा हूँ तुम्हें देने के लिये।तस्वीर का चेहरा तो बन गया है और उस चेहरे के दिमाग की एक दुनिया भी बन गयी है हाँ उस चेहरे के दिल की तस्वीर अभी अधूरी है उस दिल की जो एक दुनिया है उसकी भी तस्वीर अधूरी है।
मैं शिद्दत से इसे रच रहा हूँ और बता दूं उसका एक स्केच तो है मेरे दिमाग में । दिमाग में तो वो स्केच बन भी गया है तस्वीर ।कितनी दिलचस्प होगी ये तस्वीर जब मुकम्मल हो जाएगी।एक चेहरा है उस चेहरे में दो दुनिया है।एक दुनिया उसके दिल की है।एक दुनिया उसके दिमाग की है।कितना विरोधाभास है उनमें।पूरा एक मकड़जाल सा है।दिमाग की दुनिया मे युद्ध चल रहा है अब तक का सबसे खतरनाक युद्ध और उसके दिल की दुनिया मे शांति है अब तक की परमशान्ति। न ऐसे युद्ध की कोई कहानी मिलेगी न ऐसी शांति की कोई कहानी मिलेगी।सचमुच ये तस्वीर मैं बना रहा हूँ तुम्हारे लिये।
मैं तुमसे अपनी मुलाकात को एक यादगार मुलाकात बनाना चाहता हूं और उस यादगार का शुभारंभ होगा तुमको दिये जाने वाले इस बनती हुयी तस्वीर से।जिसे मैं बड़ी शिद्दत से बना रहा हूँ तुम्हारे लिए।चेहरा स्पष्ट रूप से बन गया है चेहरे के दिमाग की दुनिया बन चुकी है उस दुनिया मे रंग भर चुका हूं।हाँ उस चेहरे के दिल की दुनिया अभी अधूरी है और तुमसे मिलने के सफर में चलते चलते ये पुरी हो जाएगी और उसमें रंग भी भर जाएगा।मुझे पता है अभी थोड़ा सा वख्त लगेगा तुमसे मिलने में और ये थोड़ा सा वख्त काफी है तस्वीर को मुकम्मल करने के लिये।
मुझे ये भी पता है तुम्हे भी मेरा बेसब्री से इंतजार है और यह भी की मेरे मिलने के इंतजार में तुम भी निष्क्रिय ही हो अभी।तुम्हे सरप्राइज देना है इसलिये तस्वीर की चर्चा भर कर रहा हूँ जब दिखाऊंगा तो तुम्हे भी लगेगा ये तुम्हारे लिये अब तक का सबसे सुंदर सबसे दिलचस्प एक अद्भुत उपहार है।मिलने की डेट तो तुम्हे पता है वो दिन-- जिसका एक नाम भी दे रखा है लोगों ने,प्रेमियों ने।हम जब मिलेंगें तो उस दिन को कोई एक और नया नाम देंगे ।उपहार की तरह । एक नया नाम और अब तक का सबसे सुन्दर नाम अब तक के सबसे सुंदर उपहार की तरह।
