उपहार
उपहार
"शुभा...तुम्हारे लिए बर्थडे गिफ्ट...देखो तुम्हारा पंसदीदा रंग है।"
शुभा ने पैकेट खोला तो बेहद सुंदर नीले रंग की ड्रेस थी।
"थैन्क यू राहुल....बहुत खूबसूरत है।"
"शाम को यही पहन कर पार्टी मे चलना है... समय पर तैयार रहना। मुम्बई का ट्रैफिक, तुम जानती हो ना...."समझाते हुए राहुल ऑफिस के लिये निकल गया
शुभा ने ड्रेस खोल कर बैड पर फैला दी। उसका पसंदीदा नीला रंग....
शुभा सोच रही थी...
"राहुल कब समझेंगें की रात की पार्टियों में शुभा को मजा नही आता। हमेशा ड्रेस या साड़ी ही उपहार नही होती। नीला रंग आसमान का भी होता है.... मीलों फैला समुद्र भी नीला ही होता है। कितना तरसती है वो खुले आसमान के नीचे, गहरे नीले समुद्र के किनारे, नंगे पैर गीली रेत मे, उन्मुक्त हो कर घूमे। राहुल कभी समय निकाल कर यह नायाब तोहफा उसे क्यों नही देते....माना राहुल की अपनी जिम्मेदारियाँ है, लेकिन शुभा अपनी छोटी सी इच्छा कब तक पूरी ना करे।"
कुछ देर सोचने के बाद शुभा ने राहुल को फोन लगाया
"हाँ राहुल.... शाम को कहाँ पहुँचना है, मुझे पता भेज दो....मै टैक्सी ले कर सीधे वहीं पहुँच जाऊँगी क्योंकि अभी तो मै अपने लिए अपना पसंदीदा आसमानी रंग ढूंढने जा रही हूँ...."
