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Divyanjli Verma

Tragedy

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Divyanjli Verma

Tragedy

तुम्हारी याद आती है माँ

तुम्हारी याद आती है माँ

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कहते हैं कि भगवान हर जगह नही रह सकते इसलिए उन्होंने मां बनाई।


माँ जो हमे जन्म देती है। 

माँ जो हर पल हमारे पास हमारे साथ रहती है। 

माँ जो बिना कहे ही हमारी सारी बात समझ जाती है।

जब मैं छोटा था तो वो माँ ही थी जिसने मुझे चलना सिखाया।


जब घर मे कोई नही होता था तो माँ मुझसे घंटो बाते किया करती थी। समझ तो कुछ नही आता था लेकिन माँ की आवाज सुन के अच्छा लगता था।

मुझे कुछ बोलना तो नही आता था लेकिन माँ की हर बात का जवाब देने के लिए मैं हंस दिया करता था। धीरे धीरे मैं बड़ा हो रहा था । माँ की अंगुली पकड़ के मैने चलना सीखा।मेरी माँ ही मेरी सब कुछ थी। मेरा पहला दोस्त, मेरा भाई, मेरी बहन ,सब कुछ मेरी माँ थी।जब मैं कभी शैतानी करता तो मेरी शैतानियो से परेशान होके मां मुझे मार भी देती थी। लेकिन जब मैं रोता तो मेरे साथ मां भी रोती थी। मेरी माँ मुझसे बहुत प्यार करती थी। 


सब कुछ तो बहुत अच्छा चल रहा था। मैं ,मेरी माँ, मेरा परिवार ,हम सब खुशी खुशी रह रहे थे। मेरी माँ हमेशा मेरे पास थी इससे ज्यादा खुशी और क्या होगी।लेकिन कहते है ना कि खुशियो को नजर लगते देर नही लगती। शायद वही हुआ था हमारे साथ भी । हमारे परिवार को भी किसी की नजर लग गई थी।


मुझे याद है वो दिन जब मैंने अपनी माँ को दर्द से तड़पते देखा था। अपने सामने उनकी सासो को थमते देखा था। मैं बस यही चाहता था की भगवान आज मेरी सासे ले ले पर मेरी माँ को बचा ले।  लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। जाने वाले को कौन रोक सकता है। उस दिन ऐसा लग जैसे मुझसे मेरी दुनिया ही छिन ली किसी ने। पल भर में टूट गया वो खुशियो का महल जिसे मेरी माँ ने कई सालों की मेहनत से अपने हाथों से बनाया था।

     

आज भी बहुत याद आती है माँ की। काश की मां ये सुन ले और वापस आ जाये मेरे पास हमेशा के लिए। मैं बस एक बार माँ को गले लगाना चाहता हूँ और उनसे कहना चाहता हूँ कि " माँ तुम्हारी बहुत याद आती है। वापस आ जाओ ना। " 


माँ के बिना तो मेरी शर्ट भी नही मिलती थी घर मे,

फिर खुशियां कहाँ से मिलेगी जिंदगी में। 


 इस कोरोना जैसी महामारी ने ना जाने कितनी ही माँओ को छीन लिया । कितने ही बच्चे अनाथ हो गए ।कितने ही खुशियो के महल टूट गए। मुझे पता है मरना तो एक दिन सबको ही है। पर कोई ऐसे जाएगा ये नही सोचा था। काश ये सब हुआ ही न होता । काश ये महामारी कभी आई ही न होती,तो आज मेरी माँ मेरे पास होती और उन सबकी भी ।



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