STORYMIRROR

Iaanshika Shimpi

Drama Romance Classics

4  

Iaanshika Shimpi

Drama Romance Classics

तुम्हारे साथ की चाय

तुम्हारे साथ की चाय

2 mins
658

तुम्हें याद है मैं अक्सर चाय बनाते हुए तुमसे फ़ोन पर बात किया करती थी..गैस पर दूध चढ़ाने से लेकर कप में चाय छानने तक, तुम्हे सुनते हुए तुमसे बाते करते हुए कब वक़्त कब गुज़र जाता पता ही नहीं चलता था.. तुम कहते पागल लड़की उस चाय की तरफ भी देख लो ..जानते हो मोहब्बत अपने आप में कितना ख़ूबसूरत एहसास है.. पर तुम कभी शायद उस बात को समझ नही पाए या जानते हुए भी अंजान थे नही जानती .. अक्सर ऐसा होता है, किसी और से मिले खालीपन को हम किसी और से भर देना चाहते हैं ..और इस तलाश में हम इतनी जल्दबाज़ी कर देते हैं कि उस ख़ालीपन को भरने की जगह उसकी नींव को और गहरा कर देते हैं.. जाने अनजाने में तुम्हारे न होने के अधूरेपन से अपने आप को भरने के लिए मैंने अपनी तन्हाइयों की नींव को इतना ह्रास पहुंचा दिया है कि अब उसकी दरारों को भरा जाना असंभव है..एक समय पर तुम्हारा ये कहना ग़लत नहीं था कि- हमें पहली मोहब्बत से जो हासिल नहीं हो पाता ..उसे हम अपनी दूसरी मोहब्बत में तलाश करते हैं..हाँ, मैं भी शायद ऐसा ही कुछ कर रही थी पर जवाब में जो मैंने कहा वो भी तो सही था न-"दूसरी मोहब्बत भी अगर पहली मोहब्बत जैसी निकले ..तो इससे बड़ा अफ़सोस कुछ नहीं.."

इन सारी बहस और बातों के बीच अगर कुछ स्थायी बना रहा तो वो था तुम्हारा चले जाना.. इस एक निर्णय को मेरे सारे तर्क और अनगिनत विनतियाँ कभी बदल नहीं पाए..जीवन में एक समय ऐसा आता है जब हम किसी को खोना नहीं चाहते और इस डर से उसे इतना कस कर बाँध लेते हैं जैसे एक छोटा बच्चा बाँध लेता है अपनी मुट्ठी में रेत को इस बात से अंजान की उसकी कसावट से रेत रुकने की बजाय फिसलती चली जाएगी..तुम्हारा जाना भी ठीक ऐसा ही था मेरे नन्हें हाथों से उन सारे लम्हों के फिसल जाने जैसा जो भविष्य में हमारी सुखद स्मृतियाँ बनने की थोड़ी बहुत गुंजाइश रखते थे..समय के साथ सब बदल जाता है न ..और तुम्हारा होने का सच अब सच से कल्पना में बदल गया है..! और हां अब में चाय बनाते वक्त बक बक नही करती देखो ये भी बदल गया ..!


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Drama