Abhishek Gaurkhede

Drama Tragedy Crime


4.3  

Abhishek Gaurkhede

Drama Tragedy Crime


#टैग४

#टैग४

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आरव सॉफ्टवेर इंजीनियर है, सिद्धार्थ की इंजीन्यरिंग हो गयी है और वो जॉब सर्च कर रहा है, आरुष और मंगेश दोनों इंजीन्यरिंग की पढ़ाई कर रहे है। एक दिन जब वो इंटरव्यू से आते रहता है तो उसको किसी के चिल्लाने की आवाज़ आती है, जब वो उस आवाज़ के पीछे जाता है तो देखता है कुछ लोग मिलकर एक लड़के को मार रहे है लेकिन जब वो ये सारी बातें अपने दोस्तों को बताता है, घर पर उस समय सिर्फ आरुष और मंगेश ही रहते है, पहले तो दोनो उसकी बातों पर यकीन नही करते है। लेकिन सिद के बार बार कहने पर वो दोनो उसके साथ नीचे जाते है और जब तीनों नीचे आ कर देखते है तो वहां कोई नही रहता है। सिद्धार्थ तुझे बस आभास हुआ होगा ऐसा बोलकर वो लोग फ्लैट की तरफ चले जाते है, मगर उनके जाते ही एक हाथ नीचे गिरता है। रात को आरव के आने के बाद चारों मिलकर ड्रिंक करते है।

लेकिन आरव सिद को थोड़ा परेशान देखकर उसे पूछता है,

आरव : अरे आज तो तेरा इंटरव्यू था न, क्या हुआ।

सिद : नही हुआ भैया

आरव : अरे तो इतना टेंशन क्यूँ ले रहा है अगली बार ज्यादा मेहनत करना देखना जरूर हो जाएगा।

सिद : भैया मैं उसके लिए टैन्स नही हूँ,

आरव : तो फिर क्या हुआ।

सिद : भैया वो आज

तभी बीच मे ही आरुष बोल पढ़ता है।

आरुष : कुछ नही भैया, इसने सपना देखा आज आते आते।

आरव : मुझे भी भी बताओ क्या सपना देखा।

मंगेश : छोड़ो न भैया, आप ये लो चिकन खाओ चखने मे।

और वो लोग बात टाल देते है।

आधी रात को आरव को घर से कॉल आता है की उसके पापा की डैथ हो गयी है, जिसके वजह से वो घर चला जाता है| लेकिन उसके जाने के 2 दिन बाद उसी लड़के का फोटो पेपर मे आता है “ जिसका मर्डर देखने की बात सिद कहता है और लिखा आता है “ड्रग्स का बढ़ता आतंक एक और नौजवान की ड्रग्स के ओवरडोस के कारण मौत।"

लेकिन जब वो पुलिस के पास जाते है तो पुलिस वाले उनको भगा देते है, पुलिस इंस्पेक्टर किसी को कॉल करता है और बोलता है।

इंस्पेक्टर : भाई कुछ छोकरे लोग आए थे, वो लड़के को तुम लोग ने मारा था न, उसकी फोटो लेकर, बोल रहे थे, हम लोगो ने मर्डर होते हुए देखा है, भाई अभी तो मैंने संभाल लिया आगे का आप देखो।

शंकर : धन्यवाद मोरे, तू बस उनका पता निकाल कर दे बाकी मैं देख लूँगा।

इंस्पेक्टर : ओके।

इधर इन लोग सोचते है कि उस लड़के कि फ़ैमिली के बारे मे पता करते है और उसी न्यूज़ पेपर से उन्हे पता चलता है की उसकी एक बड़ी बहन है शिखा और कोई भी नही है, फिर तीनों शिखा मिलते है और उसको सारी कहानी बताते है, शिखा उनसे कहती है क्या आप लोग मेरी मदद करेंगे, मेरे भाई के कातिल को पकड़ाने मे और वो लोग मान जाते है।

इसी बीच सिद को शंकर का कॉल आता है और वो उसे धमकी देता है मगर इन पर असर ना होता देख वो आरुष के दोस्त अक्की का मर्डर कर देते है। इसी बीच आरव घर से आ चुका है मगर उसको इस बात की कोई जानकारी नही है। इसी बीच गुंडो के बॉस (JJ) का फोन आता है और आरव को सारी बातें पता चलती है सिद्धार्थ से, लेकिन आरव सबको समझता है की संभाल कर हमे बढ़ना चाहिए क्यूकी ये छोटे मोटे गुंडे नही है जरूर इनका बहुत बड़ा रैकेट है। आरव अपने दोस्त काली से पता करता है, की आखिर इन लोग कौन है, तो पता चलता है की ड्रग्स का बहुत बड़ा कारोबार है जो की वो पूरे महाराष्ट्र मे फैलाना चाहते है मगर काली सिर्फ शंकर के बारे मे ही पता कर पता है और उसको लगता है वो ही असली बॉस मगर जब आरव की शंकर से बात होती है, तो आरव काली को बताता है की उसकी किसी और से ही बात हुई थी, उसको वो आवाज़ अच्छे से याद है।

 इधर इन सबको पता चलता है की अविनाश जिसका मर्डर हुआ है उसकी एक फ्रेंड मन, जो उसी दिन से ग़ायब है जिस दिन अविनाश का मर्डर हुआ था, और जब उन लोगो को मन का पता चलता है, और जब वे लोग मन से मिलने जाते है, तो मन की हालत बहुत खराब रहती है, वो पागल जैसी हो चुकी रहती है।

उनको पता चलता है की मन को भी उन लोगो ने ड्रग्स का आदि बना दिया है और उन्हे पता यह भी पता चलता है की मन के साथ रेप भी हुआ था बहुत बार, फिर जब उन लोग मन की माँ से मिलने के बाद वापस आते रहते है तो मन की फ्रेंड का फोन आता है शिखा को और वो बताती है की मन ने सूइसाइड कर लिया है और मन ने आपके लिए एक खत छोड़ कर गयी है, उस खत की जानकारी से पता चलता है की अविनाश का मर्डर क्यूँ किया गया , क्यूकी अविनाश ने इन लोगो को कॉलेज मे ड्रग्स का धंधा करने से रोका था। 

वो अभी मन के मौत के ग़म से बाहर निकले भी नही थे की काली का भी मर्डर हो जाता है और उनका विश्वास भी धीरे धीरे खत्म होने लगता है।

लेकिन काली के मरने के बाद भी उसके द्वारा छोड़े, आरव के लिए जो जानकारी छोड़ कर जाता है उसे पता है चलता है की शंकर का बॉस जेजे है, और वो लोग, कॉलेज और स्कूल टार्गेट करके के अपना ड्रग्स का पूरा धंधा महाराष्ट्र मे फैलाने का प्लान कर रहे है।

आरव सबसे कहता है, हम लोग ऐसा होने नही देंगे और जेजे और उनके साथियों को खत्म कर देंगे, आरव अपनी प्लानिंग उनको लोगो को बताता है, और सबसे पहले वो स्कूल से उनका धंधा बंद कराते है, फिर धीरे धीरे कॉलेज से भी सारा धंधा बंध कराते है, ये सब से जेजे बहुत गुस्सा हो जाता है और उन लोगो को मारने को बोलता है।

शंकर के आदमी शिखा का किडनैप कर लेते है, और इन सबको जेजे से मिलने के लिए बुलाता है।

जेजे फिर इन सब के सामने आता है, और जब वो शिखा को इन चारों के सामने लाता है, तो शिखा भी ड्रग्स के नशे मे धुत्त रहती है।

फिर इन सब मे लड़ाई होती है और आखिर मे जेजे को पुलिस हवाले कर देते है, लेकिन शंकर की मौत हो जाती है, और आरुष भी अपनी जान खो देता है। फिर आरव शिखा को हॉस्पिटल ले जाता है, जा शिखा कुछ महीने रहने के बाद पूरी तरह ठीक होकर घर वापस आ जाती है।

शिखा आरव से कहती है, ऐसे कितने लोग होंगे न जो ड्रग्स मे फँसे होंगे और कितने अविनाश ने अपनी जान दी होगी, तो क्यू न हम लोग, उन सबकी मदद करे।

आरव शिखा से कहता है ठीक है, और उस दिन शुरू होती है, #टैग४। चारों हाथों पर हाथ रख कर कहते है ज़ोर से #टैग४।



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