Abhishek Gaurkhede

Drama Tragedy Inspirational


3.4  

Abhishek Gaurkhede

Drama Tragedy Inspirational


ई - पार्ट २

ई - पार्ट २

4 mins 26 4 mins 26

 रितेश लैपटॉप पर पढ़ाई कर रहा है, थोड़ी देर बाद मे वो लैपटॉप बंद करता है और कॉलेज जाने के लिए तैयार होता है। किताबे बैग में रखता है, गड़ी पहनता है, दवाई खाता है, शूज पहनता है, रूम का डोर लॉक करता हैऔर कॉलेज के लिए निकल जाता है।

रितेश जैसे ही सीढ़ियों से नीचे आ रहा होता है , जैसे ही वो आखरी सीढ़ी पर पहुचता है, उसे कोई नज़रआता है और वो एक दम से रुख जाता है और शॉक हो के उसे ही देखने लगे जाता है, उसके हाथ से उसका मोबाइल भी गिर जाता है, लेकिन वो बस उसको ही देखते रहता है। तभी वहां से कोई जाते रहता है , वो रितेश को २-३ बार आवाज़ लगता है लेकिन रितेश कोई रेसपोन नही देता है , फिर वो उसके कंधे से हिला कर बोलता है , कहा खो गए भाई और उसको उसका मोबाइल उठा कर देता है ।

रितेश कॉलेज आता है, थोड़ी देर बाद वो कॉलेज के गार्डन में अरुण के साथ पढ़ाई करने जाता है ,कि तभी वो इंसान उसको फिर से दिखाता है और उसको आकर बोलता है-

 “ हैलो मैं हु तुम्हारे साथ“ ऐसा उसको उसके कान में बोलता है और गायब हो जाता है , रितेश फिर से थोड़ी देर के लिए शॉक हो जाता है । अरुण रितेश से कुछ पूछने के लिए रितेश को देखता है एक दो बार आवाज़ देने के बाद भी , कोई जवाब नहीं आने से उसको हिला कर बोलता है -

अरुण : रितेश क्या हुआ तबीयत तो ठीक है न

रितेश : हाँ हाँ ठीक हु , क्या पूछ रहा था तू |

और फिर से दोनों पढ़ाई मे लग जाते है और थोड़ी देर बाद क्लास के लिए जाते है |

क्लास खत्म होने के बाद , रितेश अपने दोस्त के साथ कैंटीन जाता है, अभी कैंटीन में ज्यादा लोग नही है, तभी रितेश का दोस्त उसको बोलता है “सुन भाई मैं 5 मिनट में आता हूं “ ऐसा बोलकर वहां से चला जाता है। रितेश एक कोने में जाकर खड़ा हो जाता है और अपने दोस्त अरुण का इंतज़ार करने लगता है , कि तभी वो अंजान शख्स वाहा आ जाता है और रितेश के कंधे पर हाथ रख कर उसको बोलता है " तुम मुझे छोड़कर नहीं जा सकते हो मै तुम्हारा ही हिसा हु |

रितेश “ नही नही “ मुझे जाने दो बोलता है और वाहा से भागने कि कोशिश करता है , लेकिन वो शख्स भी उसके पीछे भागता है और आखिरकार रितेश को पकड़ ही लेता है और रितेश को ज़मीन पर गिरा देता है , जैसे ही रितेश ज़मीन पर गिरता है वो बेहोश हो जाता है |

अब रितेश के बारे में बताते है कि रितेश को पिछले 5 सालों से मिर्गी है और वो इसका इलाज कर रहा है और दवाईया खा रहा है , रितेश जब १०वी मे था , तब पहली बार उसको मिर्गी का दौरा पढ़ा था , और आज लगातार टैबलेट खाने के बाद भी ये ठीक नही हुआ , क्यूकी रितेश बीच बीच मे टैबलेट मिस कर देता था और आज उसी का नतीजा है कि पिछले ५ सालो से वो टैबलेट ही खा रहा है , look closely his symptoms whenever he thought की अब उसको शायद मिर्गी का दौरा आ सकती है ।

फ़्लैशबैक

पहला जब वो सीढ़ियों पर खड़ा रहता है और अचानक से “blankly staring “ करने लगता है।उसको ऐसा महसूस होता है जैसे धरती और आसमान ऊपर नीचे हो रहे है , और इतनी स्पीड से कि वो चाह कर भी कुछ नही कर पा रहा है , कंट्रोल करने कि कोशिश कर रहा है खुद को लेकिन |

दूसरा जब वो कॉलेज के गार्डन में पढ़ाई कर रहा होता है तो उसके कानों में कुछ आवाज़ सुनाई आती है सन्न करके जो उसके कानो मे इतनी तेज़ी से चल रही होती है कि उसको आस पास कि सारी चीजे भूलाने को मजबूर कर देती है , लेकिन तभी भी वो कोशिश करता है फिर से खुद को कंट्रोल करने कि कोशिश कर रहा है , अपने माथे पर वो हाथ रखकर मैथ्स के प्रॉब्लम भी साथ साथ सॉल्व कर रहा है जो कि एक तरह से मिर्गी को ट्रिगर करने का काम कर रहा है , क्यूकी वो स्ट्रैस ले रहा है और स्ट्रैस मिर्गी को ट्रीगर करता है तो जितना हो सके फ्रीली रहे ।

अब तीसरा जब उसका दोस्त अरुण उसको कॉलेज कैंटीन में छोड़कर जाता है तो वहां भी उसको महसूस होता है कि उसको मिर्गी आ सकती है जैसे “rubbing of hands together for no reason , shaking of legs “

“ Inability to remember small things “

प्रेसेंट:

 थोड़ी देर बाद रितेश धीरे धीरे होश में आने लगता है वो नोटिस करता है कि बहुत से लोग उसके आसपास है और उसका दोस्त अरुण उसको बोल रहा है कि “रितेश don’t worry मम्मी  आ रही है “ रितेश ऐसा सुनता है और फिर से उसकी आंखें बंद हो जाती है।

TO BE CONTINUED .....


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