तारीफ तो होनी चाहिए
तारीफ तो होनी चाहिए
तीनों बहनों में अदिति का नंबर दूसरा था। बड़ी बहन प्रीति और सबसे छोटी सुनीति दोनों ही पढ़ाई में अच्छी थी और अनुशासित भी।
अदिती का मन बचपन से बहुत चंचल था इसलिए वह पढ़ाई में मन नहीं लगा पाती थी। हां ,उसको नृत्य और संगीत में बहुत रुचि थी।
जिस दिन रिजल्ट निकलता तो प्रीति और सुनीति की सब तारीफ़ करते और पापा दोनों बेटियों के लिए गिफ्ट लाते।
अतिथि के नंबर उतने अच्छे नहीं आते थे।इसलिए उसकी कोई तारीफ़ नहीं करता था।
एक दिन उसने कहा,
"पापा आप कभी मेरी तारीफ़ क्यों नहीं करते?"
पापा ने तनिक गुस्से से कह दिया कि,
" तुमको गिफ्ट चाहिए और तारीफ चाहिए तो उस तारीफ के काबिल बनो!"
बस बात अदिति को लग गई और उसने अपने संगीत के साथ पढ़ाई में भी रुचि रखना शुरू कर दिया। साल भर की मेहनत के बाद वह क्लास में प्रथम आई। उस दिन पिता की कही बात ही उसके लिए प्रेरणा बन गया और एक लक्ष्य दे गया। अब सब उसकी तारीफ करते थे।
