VIPIN KUMAR TYAGI

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स्वार्थी दुनिया में कुत्ते की मालिक के प्रति वफादारी

स्वार्थी दुनिया में कुत्ते की मालिक के प्रति वफादारी

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आज मैं आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूं जिसमें कि एक परिवार में एक वृद्ध व्यक्ति रहता था उसको पेंशन मिलती थी वह उस पैशन को अपने परिवार के ऊपर खर्च करता था परिवार के लोग उसे सम्मान देते थे उसके परिवार में उसकी पत्नी, उसका बेटा, उसकी पुत्रवधू तथा उसका एक पोता व एक पोती भी थे सभी वृद्ध व्यक्ति को प्यार करते थे अचानक एक दिन वृद्ध व्यक्ति बीमार पड़ा परिवार वालों को पता चला कि बह संक्रमित बीमारी से पीड़ित है उसके पास जाने से उनको भी संक्रमण का खतरा हो सकता है उन्होंने उस व्यक्ति को एक कमरे में कैद कर दिया तथा उसके पास आना जाना बंद कर दिया उसे खाना देने जाने के लिए भी कोई तैयार नहीं था।

पड़ोस की एक महिला ने उसे खाना दिया तो उसने उससे कहा कि उसे भूख नहीं तथा उसने खाना नहीं लिया केवल उसका पालतू कुत्ता उसके पास बिना कुछ खाए बैठा रहा कुत्ते को लगा कि उसका मालिक बीमार है तथा वह खाना नहीं खा रहा है अत कुत्ते ने भी खाना नहीं खाया घरवालों ने अस्पताल से एंबुलेंस को बुलाया तथा उस व्यक्ति को अस्पताल भिजवा दिया एंबुलेंस में बैठते वक्त भी उसके पास कोई नहीं आया तथा कोई भी उसके साथ अस्पताल नहीं गया उस व्यक्ति ने सोचा कि कल तक जो उसकी पेंशन पर पलते थे तथा उसको चाहते थे आज संक्रमण के डर से उसके पास आने को तैयार नहीं है अपने घर वालों की उपेक्षा से वह टूट गया उसने देखा कि पत्नी व बच्चो ने उसे देखा तक नहीं वह व्यक्ति उस उपेक्षा को बर्दाश्त न कर सका उसने अंतिम बार अपने सपनों के घर को देखा तथा उससे बिदा ली

उस घर में उसका जो कुत्ता रहता था जिसको वृद्ध व्यक्ति ने पाला था वह कुत्ता भी एंबुलेंस के पीछे पीछे अस्पताल चला गया घरवाले ना तो अस्पताल गए और नहीं उन्होंने उसका पता लिया अस्पताल में भी कुत्ता अस्पताल के बाहर भूखा बैठा रहा उस व्यक्ति की जांच की गई तो पता चला कि वह संक्रमित नहीं है तथा गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं है जब उस व्यक्ति को इस बात का पता चला तो इलाज के बाद उसने अस्पताल से बाहर आकर अपने कुत्ते को साथ लिया तथा कहीं और चला गया उसने अपने घर वालों को कोई सूचना नहीं दी लेकिन घर वालों को जब यह पता चला कि वह संक्रमित नहीं है तो उन्होंने उसकी खोजबीन की अखबारों में इस्तहार दिए।

लेकिन वह व्यक्ति वापस नहीं आया क्योंकि वह जान चुका था स्वार्थी दुनिया में केवल स्वार्थ ही चलता है उसके घर वालों का स्वार्थ अभी भी यही था कि वह उसकी पेंशन पाना चाहते थे लेकिन उस घर में केवल कुत्ता ही ऐसा था जिसने बुरे वक्त में उसका साथ नहीं छोड़ा जबकि उसके घर वालों ने उसका साथ छोड़ दिया था उसे कमरे में बंद कर दिया था तथा उसे खाना देने में भी आना कानी की थी इस प्रकार इस कहानी के माध्यम से मैं यह बताना चाहता हूं की कुत्ता सबसे वफादार जानवर है यदि आपने उसको प्यार किया, खाना खिलाया तथा पाला तो वह कभी भी आपका साथ नहीं छोड़ेगा जबकि वो घर वाले जिनको उस व्यक्ति ने सब कुछ दिया था तो भी बुरे वक़्त में उन्होंने साथ छोड़ दिया।


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