STORYMIRROR

रंजना उपाध्याय

Inspirational

3  

रंजना उपाध्याय

Inspirational

सूमो पहलवान

सूमो पहलवान

3 mins
288

हमारे समाज में यदि आप बहुत मोटे हैं तब भी लोग मज़ाक बनायेंगे। यदि बहुत ज्यादा दुबले हैं तब भी मज़ाक के पात्र ही बनाये जाएंगे। संजना अपने भाई बहनों में सबसे छोटी और सबसे मोटी थी। घर में तो माँ और पिता प्यार से पहलवान नाम रख दिया था। अब किसको पता कि घर का नाम बाहर और ज्यादा, बढ़ा चढ़ा कर रख दिया जाएगा। जब संजना छोटी थी। तब संजना को इसके बारे में पता ही नहीं था। अब बड़ी हुई तो अड़ोस पड़ोस के लोग इसी नाम से सम्बोधित करते थे। "सूमो पहलवान " नाम धीरे धीरे स्कूल तक पहुँच गया। अब संजना अपने मोटापे से शर्मिंदा होने लगी। और खाना कम खाने लगी। तो घर वाले डांटते थे। अंत मे खाना न खाने के वजह से काफी कमजोर हो गयी। कमजोरी, चिड़चिड़ापन से बहुत परेशान होने लगी।

माँ ने अच्छे डॉक्टर से सलाह ली और दवा करवाना शुरू की कुछ महीने बाद संजना ठीक हुई। और स्कूल गयी तो बहुत कमजोर हो गयी थी। यह देख लोग अचंभित हो गए। संजना की दोस्त ज्योति ने पूछा! अरे संजना तुम्हारी ये क्या हालत हो गयी। तुम अपना ख़्याल रखो। मोटा कहने से कोई मोटा नहीं होता। जिसकी शरीर जैसी होती है। ओ वैसा ही रहेगा। सबके कहने पर तुमने खुद को नष्ट कर दिया। नहीं ज्योति मैने सोचा खाना छोड़ दूँगी तो शायद थोड़ी दुबली हो जाऊँ, क्योंकि मुझे जो नाम दिया गया है आज वो टैग मेरे नाम के आगे पीछे से हमेशा के लिए हट जाए।

डॉक्टर की सलाह से खाना, पीना, दवा सब हुआ। संजना की शरीर फिर से उसी तरह हो गई। लेकिन अब की बार संजना को बिल्कुल भी फिक्र नहीं थी।क्योंकि डॉक्टर से लेकर दोस्त घर परिवार वाले मिलकर बहुत बड़ा साहस देते रहे। समय से जिम जाना और कॉलेज जाना सब बहुत अच्छे से होता रहा।निरन्तर जिम में एक घण्टा शाम को जाती थी। अब उसी संजना की शरीर शेप में आ गयी। बहुत सुंदर लगने लगी। जो लोग सूमो पहलवान का नाम दिए थे।आज वही लोग दोस्ती के लिए आगे आने लगे।

संजना की आवाज़ बहुत अच्छी थी। कॉलेज में बहुत बड़े पैमाने पर प्रोग्राम रखा गया था। उसमें संजना ने एक स्वागत गीत गाया। जो सबको बहुत पसन्द आया। उसी प्रोग्राम के दौरान एक व्यक्ति उठा और टीचर से बात किया। संजना के बारे में जानकारी ली। संजना से भी मिला। जितने प्रोग्राम होते थे उसमे संजना को एक गायिका के रूप में निमंत्रण पत्र देता था। संजना जाकर उस प्रोग्राम की शोभा बढ़ाती थी, अच्छे अच्छे प्रोग्राम में जाकर संजना गाने लगी। एक गायिका के रूप में संजना ने अपना परिचय बना लिया। अब उसी संजना को देखते ही सारे सहपाठी हाय हेल्लो करते थे। दोस्ती बढ़ाना चाहते थे।संजना भी नेक दिल की लड़की थी, उसने भी सबसे दोस्ती की और कई बार अपने प्रोग्राम में सभी दोस्तों को भी बुलाती थी।

एक बार एक लड़की ने पूछ लिया आप इतनी खूबसूरत हैं, तो शायद आपको स्कूल टाइम या कॉलेज टाइम में कोई परेशानी नहीं हुई होगी। क्योंकि हम जैसे नॉर्मल लड़कियों को तो बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। संजना ने यह बात सुन अपने दोस्तों के तरफ देखी और बोली ऐसा नहीं है। हर किसी को अपने हिस्से की परेशानियों का सामना करना ही पड़ता है। हमने भी किया है, बहुत झेला है, जो लोग मुझे बिल्कुल नहीं पसंद करते थे,आज मेरे बेस्ट फ्रेंड की लिस्ट में आ गये हैं। वक्त वक्त की बात है, वक्त के साथ सब अच्छा होता है, वक्त के साथ सब बुरा भी होता है।

हर कोई अपनी लाइफ में स्ट्रगल कर के ही आगे बढ़ता है। बिना परेशानी की कोई लाइफ ही नहीं होती। इसी का नाम जिंदगी है।


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Inspirational