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Shalini Dikshit

Tragedy

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Shalini Dikshit

Tragedy

सुंदर बहू

सुंदर बहू

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"अरे वाह वीना तुमने तो बहुत सुंदर बहू ढूंढी है संजय बेटा के लिए........ " सुंदर लिबास और गहनों से लदी हुई प्रियत्मा को देखकर दिशा बोली साथ ही बाकी सभी महिलाओं ने भी उसकी बात का समर्थन किया।

वीना ने आज अपनी किटी पार्टी की सभी सहेलियों को घर पर बुलाया है अपनी नई नवेली बहू प्रियत्मा को देखने के लिए या यूं कहें प्रियत्मा के सुंदरता का रोब उन सब पर डालने के लिए उनको घर पर बुलाया है।

प्रियत्मा सोफे पर चुपचाप बैठे हुए अपनी सुंदरता का बखान सुनकर मन ही मन मुस्कुरा रही थी।

"मैं न कहती थी अपने संजय बेटे के लिए परी जैसी सुंदर बहू लाऊंगी, बस एक ही तो ख्वाहिश थी मेरी कि बहू बहुत सुंदर होनी चाहिए बाकी और कुछ नहीं चाहिए।", वीना ने बड़े गर्व से कहा। 

वीना की बात सुनकर प्रियत्मा से अब चुप नही रहा गया वो अपनी जगह से उठ कर वीना के पास गई और धीरे से कान में बोली," मम्मी जी अगर आपको सिर्फ सुंदरता ही चाहिए होती तो फिर मेरे पापा को इतना कर्ज नहीं लेना पड़ता।"

प्रियत्मा की बात से वीना का चेहरा पीला पड़ गया।


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