STORYMIRROR

संध्या आरती

संध्या आरती

1 min
792


एक नव युवक जो अपने एक रिश्तेदार की जीवन शैली को देख कर सन्यास के सही अर्थ को समझ जाता है। उनसे प्रभावि़त हो कर वह झूठे सन्यासी के प्रभाव से बाहर आ जाता है। यह कहानी बताती है कि समाज में सामान्य जीवन जीते हुए भी सन्यासी रहा जा सकता है।


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Drama