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Poonam Kaparwan

Tragedy

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Poonam Kaparwan

Tragedy

सजा

सजा

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बारह साल की नादान वो मामा था उसका।

घर में माँ के न होने पर लगा वो वहशी मन में ठाने,

कुचल मसल दूं अधखिली कली।

शेर की पकड़ मजबूत थी हिरनी डरी हुई काँपे जाती थी।

पदचाप सुनी जो किसी की बंधनमुक्त वो हुई। बच गई अस्मत उस हिरनी रानी की।


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