STORYMIRROR

Poonam Kaparwan

Others

2  

Poonam Kaparwan

Others

भूली बिसरी यादों के पल

भूली बिसरी यादों के पल

1 min
551

मेरे बेटे अनुराग का पहला जन्मदिन और सौ से भी ज्यादा मेहमान आये। कुछ मेरे मामाजी के परिवार और कुछ पतिदेव के मित्र,तो कुछ रिश्तेदारों का अवागमन और कुछ पडो़सी। आज इस मंच पर देखा कि कुछ भूली बिसराई यादें फोटोगैलरी, तो बस लगे देखने। आज भावुक हो गये, वो लोग अब जीवित नहीं ,कुछ हैं जो बुजुर्ग हो गये ।मेरा बड़ा बेटा छब्बीस का और मैं अड़तालीस की। समय रुकता नहीं, चलता ही जाता है और हम बुजुर्ग और बच्चे बड़े ।समय चक्र है आज सच कहें यादें ताजा तरीन लग रही हैं ।आज ही की बात है, मैं बीस साल की हो गई। क्या जाता है सोचने में मन तो मन है ।


Rate this content
Log in