Bharti Suryavanshi

Romance


3.2  

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शुभ चिन्तक - भाग २

शुभ चिन्तक - भाग २

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दो दिन बाद जब सारा स्टाफ चला गया तब Peon ने आकर प्रिया से कहा “क्या आज आप late जानेवाली है।” प्रिया ने कहा “हाँ मैं 1 घंटे बाद जाउंगी तुम जाओ।” थोड़ी देर बाद प्रिया ने नीलम को फ़ोन किया। नीलम प्रिया के ऑफिस पहुंची तभी बाहर उसे राज मिल गया उसने नीलम को देख पूछा “hey... नीलम तुम यहाँ कैसे?" नीलम थोड़ी देर के लिए तो सोच में पड़ गई के ये कहाँ से मिल गया फिर उसने कहा “हाँ...पास में ही शॉपिंग के लिए आई थी... तो सोचा प्रिया को pick कर लूं।”

राज ने कहा “okay..! वो अभी तक काम में ही है। तुम मिल लो... चलो bye!!”

नीलम ऑफिस में गयी ज़्यादा वक़्त जाया न करते हुए प्रिया ने CCTV के कनेक्शन ऑफ कर दिए दोनों एक एक PC में डेटा ढूंढने लगी तभी नीलम ने आवाज़ दी “मिल गया... मिल गया…!” प्रिया दौड़कर पास आई उसने पूछा “क्या मिला?"

“देख ये फोल्डर तेरा birthday मनाया था तब के पिक्चर्स है और नाम देख फोल्डर का special one…. यही है! He is Raj…” नीलम ने कहा। पर प्रिया के लिए इतना काफी नहीं था उसने कहा “इसमे क्या हुआ… ज़्यादा कुछ साबित नहीं होता.. चल बाकी PCs में चेक करते हैं।” दोनो सारे PC चेक कर रहे थे... और इस बार दोनो साथ मे चीखे "मिल गया...!” फिर एक दूसरे की तरफ देखकर दोनों ने कहा “तुझे भी!"

इस बार नीलम ने जाकर देखा के प्रिया को क्या information मिली है । प्रिया ने उसे बताया “see this…एक mail है जो send नहीं हुआ। तेरे लिए best wishes है। कौन बैठता है यहां पर ?” निलम ने पूछा

“रुद्र…. लेकिन वो कैसे...वो तो काफी शांत है। जितना बोलो बस उतना ही करता है… और किसी से बिना काम के बात भी नही करता। I am much sure कोई भी हो सकता है पर ये नही” प्रिया ने कहा।

“अच्छा...फिर तू बता तुझे क्या मिला?” निलम ने पूछा

“अरे हाँ… चल मुझे अभिषेक के PC में एक डायरी मिली है जिस पर बहुत कुछ लिखा है लेकिन एक अजीब बात है…” प्रिया चलते हुए उसे बताती जा रही थी। फिर उसने pc में वो folder open कर बताया “see इसने जो ये 8 letters लिखे हैं… उसमे नाम तो mention है ‘Dear प्रिया’ पर समझ नही आ रहा के ये सब क्या लिखा है कि तुमने आज सही से बात नही की… हमेशा रूठ जाती हो and all... I wonder...मेरे और उसके बीच कभी ऐसी कोई बात तो हुई ही नहीं।”

“हा पर फिर भी शक तो बनता है बॉस।…” नीलम के कहते ही प्रिया के मोबाइल की घंटी बजी उसने देखा तो उसके बॉस करण का फोन था।

प्रिया ने फ़ोन उठाया उसके hello कहने से पहले ही करण ने डाटना शुरू कर दिया "तुम अभी तक ऑफिस में क्यों हो? CCTV भी नहीं चल रहा प्रॉब्लम क्या है ? और पूरा स्टाफ घर जा चूका है तुम मे कुछ अक्कल भी है की नहीं…”

“सर थोड़ा काम था इसलिए रुक गयी…” प्रिया ने दबी आवाज़ में कहा

जो भी काम हो वो कल करना Alright... I’m not gonna pay you for OT. और जाते समय watchman को CCTV connection चेक करने बोल देना…!

“Yes sir, बोलती हूँ " प्रिया ने कहा और फ़ोन कट गया।

नीलम ने पूछा "क्या हुआ?”

प्रिया ने मुँह बनाते हुए कहा "लगता है बॉस ने watchman को call किया होगा... उसी ने चुगली की होगी, well सब PC और desk देख ही चुके हैं... तू चल मैं कनेक्शन on करके आती हूँ।”

घर पहुँच कर दोनों इस बारे में ही सोच रहे थे की आगे क्या करना है।

नीलम ने कहा - “तू सब के साथ बात कर के देख…”

प्रिया - ohh... हां क्या बात करूँ... की क्या तुम ही वो हो जो मुझे letters भेज रहे थे...come on पहली बात तो वो सामने ही नहीं आना चाहता। याद है तुझे उस दिन क्या हुआ था।

"हाँ पता है...एक ना-कामयाब कोशिश।" नीलम ने कहा।

(ये वो दिन था जब प्रिया ने फैसला किया था के आज पूरी रात वो जागेगी और देखेगी के well wisher कौन है - दोनों को वो दिन याद आ गया)

(Flashback

नीलम कॉफी के कप लेकर आयी और प्रिया को देते हुए कहा "12 बज रहे है पूरी रात तू अकेले ही जागेगी क्या? देख हम दोनों बारी बारी से जागते है... मैंने अलार्म भी सेट कर दिया है। मैं अभी जा के सो रही हुं, 2 बजे जब अलार्म बजे तू मुझे उठा देना OK!

प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा "ठीक है और सुन Thank you! तू कितना करती है न मेरे लिए।"

पूरे दिन की थकान के बाद प्रिया की आँखों में नींद थी पर खुद को motivate करते हुए उसने खुद को सोने नहीं दिया। laptop पर काम करते करते 2 बज गए और अलार्म बजा...अब तक तो कोई आहट हुयी नहीं थी सिवाए इस घड़ी के वो room में गयी और नीलम को जगाया अब उसकी बारी थी। नीलम को भी इंतज़ार करते हुए 4 बज गए उसने बीच में एक दो बार दरवाज़ा खोल के भी देखा पर कुछ भी नहीं था। अब प्रिया आयी वो दरवाज़े के पास जा कर बैठ गयी... सुबह के 6 बजे एक आवाज़ हुयी उसने key hole से देखा पर वो तो News paper वाला था। निराश होकर वो फिर से बैठ गयी और कुछ देर बाद ही एक आवाज़ हुयी मानो जैसे प्रिया को एहसास हुआ के ये वही है उसने झट से दरवाज़ा खोल देखा और बहार वही White Lily Flowers और letter था। प्रिया ने देखा थोड़ी दूर एक लड़का grey रंग की winter jacket पहने हुए वो जा रहा था। प्रिया ने आवाज़ दी “hey रुको... आवाज़ सुनते ही वो मुड़ा लेकिन उसने मुँह पर रुमाल बाँध रखा था... प्रिया उसे रोकने के लिए उसके पीछे भागी….

(कहानी जारी रहेगी)


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