Dheeraj Bhardwaj

Horror


4.6  

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शिवा और रुद्रा की कहानी

शिवा और रुद्रा की कहानी

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हेलो दोस्तों, साइको डेविल की दुनिया मे आपका स्वागत है आज मे आपको एक कहानी के बारे मे बताने जा रहा हूँ, यह कहानी है शिवा और रुद्रा की शिवा और रुद्रा एक बहुत ही पक्के और सच्चे दोस्त है और यह सभी दुखी लोगो की मदद करते है, यह दोनों एक दिन एक छोटे से गॉव मे गए, उस गॉव का नाम दानवपुर था,उस गॉव मे रात को 8 बजे के बाद बाहर निकले के लिए मना किया हुआ था क्युकी रात के समय उस गॉव मे अजीब अजीब सी आवाज आती थी और हैरान कर देने वाली घटनाये होती थीं, इसलिए उस गॉव मे 8 बजे के बाद कोई भाई नही निकलता था और ना ही किसी को रात को गॉव मे आने की अनुमति थी, गांव के बाहर का मुख्य द्वार भी बंद कर दिया जाता था, तो जब शिवा और रुद्रा वहा आये तो उन्होंने गांव के सरपंच से पूछा की सरपंच जी ऐसा क्या हुआ था इस गांव मे जो की गांव 8 बजे के बाद पूरा बंद कर दिया जाता है तो सरपंच जी ने बताया की बेटा इस के पीछे एक कहानी है पर तुम दोनों ये क्यों जानना चाहते हो, इस गांव को श्रापित गांव मे से एक माना जाता है, तुम जहाँ से भी आये हो वापिस चले जाओ..


परन्तु शिवा रुद्रा वापिस जाने के लिए नही आये थे ,उन्होंने सरपंच जी पर जोर देकर पूछा आप बताओ इसका क्या राज है, इतना करने पर सरपंच जी ने बताना शुरू किया कि बेटा सन 1867 की बात है उस समय जिस गांव मे तुम अभी आये हो इसका नाम दानवपुर 1867 के बाद ही पड़ा है, पहले इस गांव को सभी मानवपुर के नाम से जानते थे, यहाँ सभी लोग मिलझुल कर खुशी से रहते थे, पैसो मे ये गांव गरीब जरूर था पर दिल का बहुत बड़ा अमीर था इस गांव के सभी लोग एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे, समस्या चाहे कोई भी हो या किसी की भी हो एक साथ मिल कर ही उस समस्या का समाधान करते थे ये, गांव सभी गांव से अलग था दूर दूर तक कोई भी ऐसा नही था जो इनका मुक़ाबला कर सके वोह बहुत ताक़तवर गांव था क्युकी वहां अभी मिल कर रहते थे और 8 बजे सभी गांव के लोग सो जाते थे, क्युकी उन्हें सुबह जल्दी उठना होता था. प्रातकाल 4 बजे गांव के सभी लोग उठ जाते थे, गांव ने कभी किसी से दुश्मनी नही करनी चाहिए उनका यह सोचना था की हम किसी को प्यार देंगे तो सामने वाला भी हमें प्यार देगा, और अगर हम नफरत की भावना रखेंगे तोह वोह भी हमें नफरत के भाव से देखेगा, जो कोई उनके गांव मे आता उनका बहुत आदर सत्कार करते प्यार देते थे किसी को निराश हो होकर नही जाने देते थे ,परन्तु एक दिन कुछ ऐसा हुआ उस दिन से से सब बदल गया उस दिन ऐसा क्या हुआ जानने के लिए पढ़ते रहिये स्टोरी शिवा और रुद्रा की कहानी पार्ट -2 




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