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Sheel Nigam

Abstract

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Sheel Nigam

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प्रॉम्प्ट नं 12 , ज़िन्दगी का गणित

प्रॉम्प्ट नं 12 , ज़िन्दगी का गणित

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"अपना बंगला बेचना है कोई ग्राहक ढूँढो मेरे दोस्त।"रॉबर्ट ने प्रौपर्टी डीलर विलियम से कहा।


'इतना सुंदर घर, जिसे तुम्हारी पत्नी एंजेलिना ने मकान से घर बनाया, बेचना चाहते हो?"विलियम ने पूछा।


"एंजेलिना की यादें ही तो मुझे उस घर में रहने नहीं देतीं।"रॉबर्ट ने आह भरी।


"और तुम्हारी गर्लफ्रेंड जूलिया? उसने तो तुमसे वादा किया था कि एंजेलिना की मौत के बाद वह तुम्हारे साथ रहेगी।"विलियम ने कहा।


"जब तक एंजेलिना कैंसर से जूझते हुए अपनी ज़िंदगी गुज़ार रही थी मैं जूलिया के पीछे भागता रहा। उसे ही अपनी ज़िंदगी का हिस्सा मान लिया।"रॉबर्ट ने दुख जताया।


"तो अब क्या हुआ?" विलियम ने पूछा।


"उसे मेरे साथ रहने के लिए नया घर चाहिए।कहती हैं वह मुझे मेरी पत्नी की यादों के साथ शेयर नहीं कर सकती।"गले में पड़े पत्नी के लाकेट को चूमते हुए रॉबर्ट ने कहा।


"वाह! दोस्त, यही तो ज़िन्दगी का गणित है। जिसमें तुम फ़ेल हो गये।तुम्हे लगा एंजेलिना के बाद तुम जूलिया को अपनी ज़िंदगी में जोड़ लोगे।"विलियम ने तंज कसा।


"सही है।जूलिया मुझसे प्यार करने लगी थी।"रॉबर्ट की आंखों में चमक आ गई।


"पर जूलिया को सिर्फ तुम्हारे पैसों और प्रोपर्टी से प्यार है।नहीं तो वह इसी घर में तुम्हारी यादों के साथ रहना पसंद करती।"विलियम ने समझाया।


"अब बंगला नहीं बिकेगा।" रौबर्ट ने निर्णय सुनाया।



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