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Shubhra Ojha

Inspirational

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Shubhra Ojha

Inspirational

पिकनिक

पिकनिक

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अरे सोनू, तूने बताया क्यों नहीं कि तेरे स्कूल में पिकनिक ट्रिप जा रहा है। वो तो आज राहुल की मां ने मुझे बताया नहीं तो मुझे पता ही नहीं चलता।

मां, मुझे नहीं जाना पिकनिक- विकनिक।

तू, ऐसे क्यों बोल रहा है, जब तेरा दोस्त राहुल जा सकता है तो तू क्यों नहीं। सबसे पहले तो तू ये बता मुझे पिकनिक वाली बात बताई क्यों नहीं, रे तू अब मुझसे बातें भी छुपाने लगा है।

नहीं मेरी प्यारी मां, मैं तुझसे कोई बात नहीं छुपाता, सारी बात बताता हूं।

बातें बनाना छोड़, कैसी प्यारी मां ? 'क्या यही तेरा प्यार है' कि तू अपनी मां से ही स्कूल की बातें छुपा लेता है, और मुझे लगता है कि पढ़ लिख कर मेरा बच्चा कलेक्टर बनेगा।

ओह मां, मैंने पिकनिक वाली बात इसलिए छुपाई क्योंकि स्कूल में पिकनिक के लिए आठ सौ रुपए लग रहे थे, और इतने पैसे तो तुम्हे पूरे महीने एक घर काम करने पर मिलते है। कई घरों में काम करने के बाद जो तुम्हे दो पैसे मिलते है, उसमे से तुम मुझे सबसे अच्छे स्कूल में पढ़ा रही तो पिकनिक जाके पैसे बर्बाद क्यों करना। उस पैसो से घर में राशन आ जायेगा।

अरे तू इतना क्यों सोचता है ? तेरा दोस्त राहुल तो जा ही रहा पिकनिक।

मां, राहुल की बात अलग है उसके घर की जिम्मेदारी उठाने के लिए उसकी मां के साथ उसके पापा भी है, तो कोई फर्क नहीं पड़ता वो पढ़े या पिकनिक जाए। जहां तक बात रही मेरी तो मुझे तो कलेक्टर बनना है तभी तो पापा गर्व से तारो के बीच मुस्कुराएंगे।

यह कहते हुए सोनू मां से लिपट गया।


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