नेताजी का घोटाला
नेताजी का घोटाला
देश में घोटाले पर घोटाले हो रहे थे और इल्जाम आम आदमी के ऊपर लगाया जा रहा था। जब न्यायाधीश न्याय करने में असमर्थ थे तब सच्चाई का पता लगाने के लिए तेनालीराम को धरती पर भेजा गया।
तेनाली एक नेता के घर पर पहुँचा। वहाँ पर बातचीत करने के बाद तेनालीराम एक आम आदमी के घर पहुंचा। वहां पर कुछ देर ठहरकर तेनालीराम वहाँ से लौट आया।
अगले दिन न्यायाधीश ने नेताजी और आम आदमी को कटघरे में बुलाया। फिर उन्होंने तेनालीराम से असली आरोपी के बारे मे पूछा तो तेनालीराम ने नेताजी की ओर इशारा किया।
तेनालीराम ने बताया कि घोटाले बढ़ने के साथ नेताओं के रहन सहन में गिरावट आई लेकिन उनके परिवार की दिनचर्या सामान्य रूप से चल रही थी। वही आम आदमी तरक्की तो कर रहा था लेकिन उसके परिवार के सदस्यों की व्यय क्षमता में गिरावट आई। नेताजी ने अपना भ्र्ष्टाचार छुपाने के लिए अपना भेष बदला और आम आदमी ने अपने खर्चो में कमी की।
