STORYMIRROR

Ekta shwet

Tragedy

4  

Ekta shwet

Tragedy

मोह का जाल

मोह का जाल

2 mins
159

"अरे विशाखा आज तुमने टिफिन कि नहीं किया?" राशि ने विशाखा को ऑफिस लंच टाइम में पूछा ।

विशाखा -"नहीं राशि मेरी इच्छा नहीं है।"

राशि-"क्या बात है विशाखा कुछ दिनों से देख रही हूं तुम्हारा मूड ठीक नहीं रहता ।ऑफिस में भी तुम्हारा ठीक से मन नहीं लग रहा । घर में तो सब ठीक है ना?"

और विशाखा राशि से गले लग कर रोने लगी। विशाखा ने सारी बात बताई। राशि मेरा बेटा विराट वह दसवीं में फेल हो गया है।

राशि -"क्या कह रही हो विशाखा कल तो मैंने सचिन (विशाखा का पति) से पूछा तो कह रहे थे वे 80 परसेंट से पास हुआ है।"

विशाखा-"नहीं राशि सचिन झूठ बोल रहे थे और यही झूठ आज विराट को इस स्थिति में लाकर खड़ा कर गया। सचिन को विराट का पुत्र मोह इस तरह से है कि वह उसके हर जाल में फंस जाते हैं सही गलत का ज्ञान नहीं दे पाते। अब यह स्थिति हो गई है कि वह अपनी बात बनवाने के लिए सचिन को ब्लैकमेल तक करता है। मेरी बिटिया भी अब विराट से डरने लगी है वह उस पर भी हुकुम चलाता है।

मैं कुछ बोलूं तो वह मुझे भाग जाने की धमकी देता है। सचिन ही मुझे डांट देते हैं कि तुम चुप रहो मैं इसे अपने आप देख लूंगा।"

राशि-"विशाखा बच्चों से तो सब प्यार करते हैं पर तुमने समय रहते उसको क्यों नहीं संभाला ऐसा मोह किस काम का जो अपने ही बच्चों के भविष्य को खराब कर दें।"

विशाखा"-सही कह रही हो राशि पर अब इस मोह जाल से कैसे हम बाहर आए।"

शाम को विशाखा को ऑफिस से लेने आने में सचिन को लेट हो गई। विशाखा राशि के साथ इंतजार कर रही थी। जब विशाखा ने सचिन से पूछा कि आज देर क्यों हो गई ।

सचिन ने जवाब दिया विराट का फोन आया था की मलेशिया जाने के लिए उसका वीजा बनवाना है।इसलिए अपने बॉस से कुछ लोन की बात करने के लिए रुक गया और देर हो गई।विशाखा सचिन तो स्कूटर से निकल गए। पर राशि खड़ी खड़ी सोचती रह गई सचिन व विशाखा को पता है कि वह बिगड़ रहा है फिर भी वह पुत्र मोह के जाल से बाहर नहीं आ पा रहे।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Tragedy