मैं लिखती हूँ सब
मैं लिखती हूँ सब
आपको लिखने की प्रेरणा कहाँ से मिली ?"
महान लेखिका मालिनीजी का इंटरव्यू चल रहा था।
"मैं ज़न्मजात लेखिका हूँ इतनी भावुक हूँ कि आसपास जो घटता है उसे लिख देती हूँ।" सब बहुत प्रभावित हो रहे थे, वो अपने आलीशान घर और पुरस्कार दिखाकर गौर्वान्वित हो रही थी। मैं भी अपने चैनल की तरफ से उनका साक्षात्कार लेने गई थी। तभी संजोग से उनके घर के अंदर जाना पड़ा, तो सहेली शिखा को बड़े से टेबल पर लिखते देख पूछा, तुम यहाँ कैसे ? "मैं इनकी घोस्ट राइटर हूँ, मेरा लिखा ही तो छपता है इनके नाम से।" शिखा बोली।
