STORYMIRROR

Poonam Kaparwan

Tragedy

2  

Poonam Kaparwan

Tragedy

कलंक

कलंक

1 min
287

अनाथ थी वो, चाची का सहारा, दो रोटी, एक छत, इज्जत बचाने का कोना नौकरानी, बनी थी वो।

झूमका गायब एक चाची का। चोरी का कंलक उस पर। निरपराध पिटती रही निष्कलंक थी।

अलमारी के कोने में गिरा पड़ा था कपड़ों के बीच।

शर्मसार हो गई चाची जब मिला झुमका।


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Tragedy