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Vimla Jain

Tragedy Inspirational

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Vimla Jain

Tragedy Inspirational

खोया हुआ बच्चा जो वापस मिल गया

खोया हुआ बच्चा जो वापस मिल गया

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यह सत्य घटना है करीब 15 साल पहले हमारे जान पहचान में एक पेपर वाले भाई जो पार्ट टाइम पेपर डिस्ट्रीब्यूट करते थे और उनकी एजेंसी थी।उनका लड़का 11वीं में पढ़ता था एक दिन में स्कूल से घर नहीं आया बहुत ढूंढा पुलिस में इन्फॉर्म किया मगर लड़के का कुछ पता नहीं चला। थोड़े दिन बाद करीब दो-तीन दिन बाद हैदराबाद स्टेशन पर से फोन आया कि आपका बच्चा यहां आ गया है। आगे की बात आप यहां आएंगे तब बताएंगे। आप बच्चे को आकर ले जाइए और एड्रेस भेजा।बोला चिंता ना करें वह सुरक्षित हाथों में है।उनको पहले तो विश्वास नहीं हुआ मगर फिर उन्होंने सोचा जाकर आने में क्या है शायद बच्चा मिल जाए। पुलिस भी ढूंढ रही है कुछ हुआ नहीं है। वे हैदराबाद गए हैदराबाद में उस एड्रेस पर पहुंचे जो उन सज्जन ने दिया था।यह काफी घबराए हुए थे उनको शांत किया और बोला आप आराम से रुकिए चाय नाश्ता वगैरह करवाया और उनका बेटा सोंपा।

फिर उन्होंने और उनके लड़के ने जो कहानी सुनाई वह कहानी यह थी।बच्चा स्कूल से घर जा रहा था रास्ते में एक साधु बाबा ने कोई एड्रेस पूछा वह साधु बाबा को एड्रेस बताने के लिए जैसे ही नीचे झुका पता नहीं क्या हुआ उसके बाद उसको कुछ पता नहीं चला और वह उनके पीछे-पीछे चला गया। 

 स्टेशन से वे साधु बाबा और वह ट्रेन में चढ़े वहां वॉशरूम जाने के लिए उस बच्चे ने साधु बाबा को बोलासाधु बाबा ने उसको बोला जाकर आ। वह वॉशरूम में गया और वहां उसने अपना मुंह धोया। अचानक की उसको लगा मैं यहां ट्रेन में कैसे आ गया मैं तो स्कूल से आ रहा था। उस समय बच्चों के पास में और किसी के पास ज्यादा मोबाइल फोन भी नहीं होते थे। तो उसने सोचा क्या करूं। बच्चा होशियार था वह वापस साधु बाबा के पास जाने की जगह वहां से निकल कर दूसरे डिब्बे में पहुंच गया। उसको वह सज्जन सही लगे उनको अपनी राम कहानी सुनाई। उन सज्जन ने उसकी मदद करने का वादा किया वहीं से रेलवे पुलिस को भी इन्फॉर्म किया और उसे बाबा का पता बताया कि वह वहां बैठा है पुलिस ने उसको पकड़ लिया।

उन सज्जन ने वहीं से उसके पिता को सूचना दी थी और उनके आने पर उनके बेटे को सौंप दिया। जब यह समाचार और बेटे को लेकर के वे हमारे घर आए जानकर इतनी खुशी हुई और दुख भी हुआ की कैसे बाबा के चंगुल में बच्चा फंस गया। ऐसे हिप्नोटाइज करके बच्चों को उठाने वाले ग्रुप आज भी बहुत सक्रिय है। यह तो खोया हुआ बच्चा मिल गया नहीं तो उसका क्या हश्र होता। क्योंकि वह बाबा बच्चों के अंग बेचने वाला बाबा था। अंग भंग करके उनसे भीख मंगवाता था पुलिस ने उसकी पूरी गैंग को पकड़ लिया मगर उन्होंने उस बच्चे का नाम उस बाबा को नहीं बताया नहीं तो दूसरे लोग उसके पीछे पड़ जाते।वह बच्चा अब तो बड़ाहो गया है प्रोफेशनल फोटोग्राफर है इंजीनियरिंग करके उसने प्रोफेशनल फोटोग्राफर और अपने पापा का पेपर का एजेंसी संभाल लिया क्योंकि उसके पापा का उसके मिलने के 2 साल बाद ही देहांत हो गया था जो की बहुत दुखद था।

 मगर आज खोया हुआ बच्चा पर पढ़ रही थी तो यह सत्य घटना याद आ गई।हमको अपने आसपास में कोई भी शंकाशील इंसान दिखे तो तुरंत पुलिस को इन्फॉर्म करना चाहिए। और ऐसे साधु बाबाओ के चक्कर में तो बिल्कुल नहीं फंसना चाहिए। आजकल तो किसी को एड्रेस बताने के लिए भी सोचना पड़ता है। जमाना बहुत खराब आ गया है जितना संभल के चलेंगे उतना अच्छा है। बच्चों को इस बात से भी वाकिफ किया जाए की दुनिया कैसी है।वो किसी अनहोनी का शिकार ना हो।इसीलिए बच्चों के साथ संवाद करना बहुत जरूरी है उनकी दिनचर्या पूछना उनके आसपास कैसे लोग हैं यह पूछना बहुत जरूरी है।

 हम यह कहकर नहीं बैठ सकते की होनी को कौन टाल सकता है। मगर सावधानी से काम किया जाए तो सावधानियां हटी और दुर्घटना घटी वाली स्थिति नहीं होती। क्यों आप मेरी बात से सहमत हैं ना


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