जय श्री राम
जय श्री राम
सनातन धर्म की पहचान है जय श्री राम।
दिल को पवित्र करने का जाप है जय श्री राम।
पुष्पा सोशल मीडिया पर मैं तब शर्मसार हो गया।
जब एक न्यूज़ रिपोर्टर ने अपने तीखे सवालों से जनता से पूछ लिया जय श्री राम क्यों बोलते हैं।
पुष्पा ने पूछा आप जय श्री राम पूछने से शर्मसार कैसे हो गए।
मैंने कहा क्योंकि जनता न्यूज़ रिपोर्टर को जवाब देने में अपने आप को असमर्थ पा रही थी।
पुष्पा ने पूछा जनता जय श्री राम के उदघोष का तात्पर्य बताने में अपने आप को असमर्थ क्यों मान रही थी।
मैंने कहा पुष्पा जब से सोशल मीडिया पर वह वीडियो देखा है।
तब से मन व्यथित हो गया है।
पुष्पा बोली आपका मन क्यों व्यथित हो रहा है।
मैंने कहा पुष्पा मेरा मन यह सोचकर व्यथित हो रहा है।
एक साधारण सा उदघोष जय श्री राम का तात्पर्य बताने में जनता अपने आप को बेबस क्यू समझ रही थी।
वह जोर-जोर से जय श्री राम जय श्री राम तो कह रही थी।
परंतु जय श्री राम का तात्पर्य क्या है। उसे बताने में वह अपने आप को असहाय महसूस कर रही थी।
जय श्री राम के उदघोष का तात्पर्य बताने में अपने आप को असहाय समझ रही थी।
पुष्पा ने पूछा तुम जय श्री राम के उदघोष से क्या समझते हो।
मैंने कहा जय श्री राम से तात्पर्य है।
पवित्र सीता माता और पुरुषोत्तम राम की सदा ही जय हो।
मैंने कहा पुष्पा जय श्री राम से तात्पर्य अपने आराध्य को याद करना है।
जय श्री राम के उद्घोष से तात्पर्य है। अपनी आत्मा को पवित्र करना।
जय श्री राम के उद्घोष से तात्पर्य है। अपने जीवन को सरल बनाना।
जय श्री राम के उदघोष से तात्पर्य है। अपने विचारों को शुद्ध करना।
जय श्री राम से तात्पर्य है।
वीर हनुमान को ऑटोमेटिक प्राप्त कर लेना।
जय श्री राम किसी को मारने के लिए नहीं बोला जाता।
जय श्री राम एक महामंत्र है।
जिसे जपने से बिगड़े काम भी सरलता से बन जाते हैं।
जय श्री राम एक महामंत्र है। जिसे जपने से गूंगे भी बोल पड़ते हैं।
जय श्री राम एक महामंत्र है। जिसे जपने से लूले भी पहाड़ को लांघ जाते हैं।
परंतु कुछ लोग समझते हैं जय श्री राम के उदघोष से तात्पर्य है।
एक नई ऊर्जा का मिलना एक नए साहस का मिलना एक नई दिशा नए ज्ञान का मिलना।
जय श्री राम उदघोष से तात्पर्य है। नकारात्मक शत्रु रूपी शक्तियों को समाप्त कर देना।
जय श्री राम उद्घोष से तात्पर्य है। मित्र रूपी शक्तियों का अंतर्मन एवं मस्तिष्क में सकारात्मक विचार का प्रादुर्भाव होना।
जय श्री राम उदघोष दानवों को मिट्टी में मिलाने का भी एक सरल महामंत्र है।
जैसे भारत की जनता अच्छी तरह जानती है।
कैसे श्री राम नाम की महिमा ने जय श्री राम के प्रताप से समुद्र में भी पत्थर तैरने लगे थे।
अब प्यार से आप सब भी बोल दे जय श्री राम।
देश का हर नागरिक जो भाईचारे में भी विश्वास रखता है।
वह भी बोल दे जय श्री राम।
हिंदू सिख मुस्लिम ईसाई एक साथ मिलकर बोल दे जय श्री राम।
सबका साथ सबका विकास लेकर चलता है। जय श्री राम महामंत्र।
जय श्री राम उदघोष है हिंदू राष्ट्र का हिंदू धर्म का हिंदू परंपरा का हिंदू इतिहास का सनातन धर्म का हिंदू राष्ट्र का।
अब तो कह दो जय श्री राम।
जय श्री राम उदघोष है दंगाइयों रूपी रावण का वध करने का।
जैसे जय श्री राम ने सीता माता को रावण के चुंगल से छुड़ाने का प्रण लिया।
जय श्री राम की सेना ने जय श्री राम के उद्घोष के साथ न जाने असंख्य दंगाइयों का नाश देखते ही देखते कर दिया।
आप सब भी मान लीजिए जय श्री राम कहने से मन मस्तिष्क में जीवन शरीर में पवित्रता आती है।
जय श्री राम के जाप से मन में अच्छे विचार जन्म लेते हैं।
जय श्री राम के उदघोष से कभी मन में दूसरों के प्रति बुरी भावना घर नहीं करती।
जय श्री राम के उदघोष से अपनी ही बुराइयों का अंत होता है।
जय श्री राम के उदघोष से जीवन में आध्यात्मिक सफर की शुरुआत होती है।
पुष्पा ने कहा वास्तव में जय श्री राम के छोटे से महामंत्र में कितना गूढ़ रहस्य छिपा हुआ है।
जिसे आज आपने विस्तृत रूप से सुनाया।
मैं देश के समस्त नागरिकों से प्रार्थना करती हूं।
वह चाहे हिंदू मुस्लिम सिख इसाई ही क्यों ना हो।
वह भी प्रेम पूर्वक श्रद्धा से कह दे जय श्री राम बनेंगे आप सबके बिगड़े काम।
यदि हिंदू मुस्लिम सिख इसाई में से किसी को भी जय श्री राम कहने में आपत्ती महसूस होती है।
वह राम-राम भी कह सकता है।
यह दो शब्द राम राम भी अपने आप में जय श्री राम महामंत्र 108 बार को पूर्ण करता है।
अब आप सब भी बोल सकते हैं जय श्री राम, राम राम।
इतिश्री
