झिलमिलाते सपने
झिलमिलाते सपने
कावेरी के बापू ने उसके हाथ पीले करने के सपने देखे थे ,वो भी फौजी बिशन के संग ..! खेती किसानी में सारा दिन लगा रहता था , मेहनत कश इंसान जो ठहरा ,उसे बिशन बड़ा भाया था ..!
कावेरी का भी मन भी उसके लिए बेताहाशा
पागलपन से सवार रहने लगा , झिलमिलाते सपनों को वो आंखों से ओझल नहीं होना देना चाहती थी ..!
वह उसके घर वालों से बातचीत करने गया तो पता चला लड़की पढ़ी लिखी सुंदर सुशील और नौकरी पेशा चाहिए ..!
अब क्या था, कावेरी के बापू ने सोच लिया था ,बेटी सुंदर और सुशील तो है परंतु, पढ़ी लिखी तो कम ही है ... उन्होंने तुरंत कावेरी को शहर भेजने का फैसला किया और उसको इंतजाम के साथ पढ़ने भेजा ..!
कावेरी के मन में फौजी ने जगह तो बना ही ली थी ...अब उसको सपने पूरे करने थे ..!
बिशनु को बोल चुकी थी जब तक पढ़ाई पूरी नहीं होगी एक दूसरे को नहीं देखेंगे ..! बात वही हुई ..!
वह पढ़ती गई और ग्रेजुएट हो गई .. फिर और लालसा बढ़ी .. फिर स्नातकोत्तर भी कर लिया , पढ़ाई इतनी भाई कि ,पी.एच.डी. एम फिल भी कर डाला..!
जब वह गांव गई तो पाया बिशनु के चबूतरे में चार बच्चे खेल रहे थे पूछ बैठी,"--किसके हैं बापू ?"
बापू ने लम्बी सांस ली कहा,"--बिशनु के ..!"
"अच्छा ..! "
"हां .. तुम्हें बता ना सका बिशनू को शादी करनी पड़ी , जरुरी था ..जैसा तुम्हारा पढ़ना भी , वक्त के साथ जरुरी था ..!"बापू बोले ..!
"कोई बात नहीं ..मैं बहुत खुश हूं । " वह बोली ..!
समय बीत रहा था ..!
वह डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर बन गई और बिशनु रिटायर्ड फौजी हवलदार घर आ गया है..!
"सपने सपने होते हैं जब झिलमिलाते हैं तो खूबसूरत लगते हैं ... लेकिन जब ओझल हो जाते हैं तो अपने नहीं लगते ..! "वह सोच रही थी ..!
सपना देख रही थी ,जो झिलमिल रोशनी में चमक रहा था ,वो टूटेगा नहीं इस बार वह सोच रही थी ..!
एक किसान के घर में उमंगों का दिया किसी ने जला दिया था .. ।
