जादुई घड़ी
जादुई घड़ी
राहुल एक मिडल क्लास परिवार से है, और वह अभी बीकॉम के फाइनल ईयर है। वह पढ़ाई में ज्यादा अच्छा तो नहीं, लेकिन ठीक है। वैसे तो वह समझदार लड़का था, फिर भी पता नहीं कैसे प्यार के चक्कर में पड़ गया, वो भी एक तरफा। राहुल जिसे प्यार करता था उस लड़की का नाम मंजू था।
मंजू भी एक मिडल क्लास परिवार से थी, लेकिन बड़े सपने और ख्वाहिश रखने वाली लड़की थी। मंजू और राहुल एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और एक क्लास में थे। राहुल कॉलेज शुरू होने के थोड़े ही समय में मंजू को पसंद करने लगा। और दोनों आज बी.कॉम के फाइनल ईयर में है। लेकिन आज तक राहुल अपने दिल की बात मंजू को बोल नहीं पाया। वह हमेशा कोशिश करता है लेकिन नाकामयाब होता है। दोनों एक क्लास में है इसलिए बातें होती है लेकिन बात नहीं बनती।
एक दिन राहुल कैंटिन में अपने दोस्तों के साथ बैठा हुआ था, तभी मंजू अपने दोस्तों के साथ आती है। राहुल और मंजू दोनों के ही कॉमन दोस्त थे, ये उन्हीं में से एक था। इसलिए उसने मंजू और उनके दोस्तों को बुलाया, उन सब ने भी उनको जोइन किया।
सब लोग फिल्म जाने का प्लेन करने लगे, क्योंकि आज के जो लेक्चर थे वह सब कैंसिल हो गये थे। इस सबसे राहुल को भी मौका मिल गया, तो उसने एक फिल्म का नाम सुझाया। मंजू और उसकी दोस्त बोली, हमने पहले से दूसरी फिल्म के बारे में सोच रखा है, वहां बैठे सब लोग मान गये सिवाय राहुल के।
राहुल ने फिल्म की पूरी कहानी बतायी। फिर भी कोई नहीं माना, इस बात से दुखी होकर राहुल वहां से बहाना बनाकर लाईब्रेरी के लिए निकल गया।
उदास होकर राहुल लाईब्रेरी के टेबल पर जाकर बैठ गया। दुखी होते हुए अपना सिर टेबल पर रखते हुए सोच रहा था कि "कितना मजा आता अगर मैं और मंजू वो फिल्म साथ में देखते।" यह सब सोचते हुए राहुल लाईब्रेरी में इधर-उधर देख रहा था की अचानक उसकी नज़र एक बुक पर जाकर रुकती है। इस बुक पर लिखा था, 'क्या तुम तुम्हारा प्यार पाना चाहते हो?' राहुल जाकर वह बुक उठाकर टेबल पर लेकर बैठ जाता है। बुक खोलता है तो उसमें लिखा हुआ होता है, "प्यार पाने का जादुई रास्ता" आगे पढ़ने जा रहा था की वहां क्लार्क आकर लाईब्रेरी बंद करने को कहता है। राहुल बुक को लेकर घर चला जाता है।
रात को जब सोने जाता है तो अचानक से उसे वो बुक याद आती है। राहुल बुक लेकर बिस्तर पर बैठ जाता है और पढ़ने लगता है। जैसे जैसे वह आगे पढ़ता है, उसे वो सब मजाक लगता है। आखिर में एक चित्र बना हुआ था और साथ में कुछ लिखा हुआ था जो की तीन बार पढ़ना था। राहुल बुक रखने ही वाला होता है की, उसे एक ख्याल आता है, कितना कुछ किया है मंजू को पाने के लिए ये भी करके देखते हैं। राहुल ने बुक में जैसा लिखा था वैसा ही किया, लेकिन कुछ नही हुआ। दो मिनट तक रुका भी, फिर भी कुछ नहीं हुआ।
राहुल बुक बंद करके रखने ही जा रहा था की तभी बुक के अंदर बनी तस्वीर चमकने लगी, तस्वीर उभरी और जिंदा हो गई। तस्वीर बोली, " तुम तुम्हारा प्यार पाना चाहते हो और वो भी जादू से।" राहुल यकीन नहीं कर पा रहा था। तस्वीर वापिस बोली, "क्या सोच रहे हो।" राहुल हड़बड़ाते हुए बोला, अगर हो सकता है तो क्यूँ नहीं। राहुल को ऐसा लग रहा था मानो सपना देख रहा हो। तस्वीर बोली, "क्यूँ नहीं हो सकता।" "तो देर किस बात की, जल्दी करो।" राहुल जल्दबाजी में बोला।
"तुम्हें जो चाहिए वो मिलेगा, पहले पूरी बात सुन लो। उस लड़की पर किसी भी तरह का जादू नहीं होगा। तुम्हें एक चीज दी जाएगी जो तुम्हें बताएगी, कैसे तुम अपना प्यार पा सकते हो और तुम वैसा करोगे तो उस बात से मैजिक होगा। लेकिन हां उसकी मर्जी से ही होगी। लेकिन एक बार उसने हां बोल दिया उसके बाद अगर उसके मन में तुम्हारे प्रति प्यार कम हुआ तो ये चीज तुम्हें एक भयानक जानवर में बदल देगी। इस बदलाव को रोकने के लिए तुम्हारे पास एक महीना होगा।
राहुल ने सुनकर भी अनसुना करते हुए हां बोल दिया। बुक में से एक घड़ी बहार आने लगी। राहुल ने वो घड़ी को पहन लिया। और तस्वीर जैसी थी वैसे होने लगी।
अगली सुबह राहुल मौका ढूंढने लगा अपने दिल की बात बताने का, वह बार-बार घड़ी देख रहा था। राहुल घड़ी देखते हुए मंजू की और बात करने के लिए आगे बढ़ा तभी घड़ी ने उसे बताया की उसे बोल आज टीचर्स सरप्राइज टेस्ट लेने वाले हैं। राहुल ने वैसा ही किया और दोनों क्लास रूम के बहार छूप गये और ठीक वैसा ही हुआ।
उसके बाद दोनों कैंटिन में जाते है। पूरा पूरा पीरियड बातों में गुजारते है। इस तरह घड़ी बताती और राहुल वैसा करता। इस सबसे राहुल मानो सातवें आसमान पर हो। और वो दिन आ गया, घड़ी ने राहुल को मंजू को उसकी पसंदीदा फिल्म दिखाकर उसमें अच्छा मौका ढूंढकर प्रपोज करने के लिए कहा। राहुल ने वैसा ही किया। जब राहुल ने मंजू को प्रपोज किया तो मानो आजू-बाजू की चीजें बदल गई हो, जैसे वहां कोई हो ही ना, मंजू खुद इस बात को महसूस कर पा रही थी। पहले तो मंजू ने कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन वो माहौल वैसा ही बना रहा फिल्म खत्म होते-होते मंजू ने हां बोल दी। इससे माहौल और सुहाना हो गया, दोनों ही इस बात को महसूस कर पा रहे थे। और इस तरह दोनों की प्रेम कहानी शुरू हो गई।
प्रेम कहानी को शुरू हुए महिना ही बिता था कि एक रात को राहुल को अपने शरीर में बदलाव महसूस होने लगे, आईने में जाकर देखा तो खुद का चेहरा भयानक लग रहा था। राहुल को सारी बातें याद आ गई, उसने गंभीरता से न लेते हुए हल्के में लिया और घड़ी के सामने देखा। घड़ी में दिखाई दिया कि ये बदलाव अक्सर रात को दिखाई देगा लेकिन जैसे ही महीना पूरा होगा और दूसरे महीने की सुबह होते ही वह पूरी तरह बदल जाएगा। यह देखकर उसके पसीने छूट ने लगे और डर के मारे कांपने लगा।
अब डरते हुए घड़ी के सामने देखते हुए रोने जैसी आवाज में बोला, "इसका इलाज मैं कैसे करूं??"
घड़ी ने पूरी बात बताते हुए दिखाया, मंजू को लग रहा है एक महीना हो गया लेकिन राहुल उसे कहीं अच्छी जगह घुमाने नहीं ले गया। अब तुम्हें उसे एक अच्छी जगह घुमाने लेकर जाना पड़ेगा। तभी सब ठीक होगा। लेकिन साथ में यह भी दिखाया की ये जो भी हो रहा है वो तो बंद हो जाएगा लेकिन जभी भी मंजू का प्रेम कम होगा तब-तब यही होगा। इससे बचने के लिए तुम्हें उसका प्यार वापिस पाना होगा।
जैसा बोला गया वैसा ही राहुल ने किया और सब ठीक हो गया, फिर जाकर राहुल ने चैन की सास ली।
पंद्रह दिन आराम से बीते होगे, अब राहुल को भी लगने लगा था कि खतरा हमेशा के लिए टल गया। तभी अचानक वैसा ही महसूस होना शुरू हो गया। इस बार देखा तो मंजू अपनी दोस्त को दिखाना चाहती थी की उसे कितना अच्छा boyfriend मिला है, लेकिन राहुल ऐसा कुछ कर ही नहीं रहा था। इस बार दोनों को अच्छी जगह घुमाने को बोला गया। राहुल ने मन मारते हुए वैसा प्लान बनाया।
राहुल ने कहीं नया एक म्युजियम खुला था तो उसे देखना का भन बनाया और वैसा ही किया। लेकिन मंजू की दोस्त राहुल के हर बात पर गलती निकालती थी। यहां तक की म्यूजियम की चीजों तक को नहीं छोड़ा। जैसे-तैसे दिन बिता और राहुल वापिस ठीक हो गया।
राहुल के मन में दर बैठ गया था कि हर बार ऐसा हुआ तो कैसे चलेगा। इसलिए वह इसका तोड़ ढूंढने लगा। राहुल ने घड़ी से पूछा कि क्या कर सकते हैं। घड़ी ने दिखाया, तुम उस रुप में मंजू के सामने जाओ और अपना पूरा सच बताओ। राहुल को बहुत आसान लगा, "बस इतना ही करना है।" और राहुल उस समय का इंतजार करने लगा और महीने के बाद समय आया भी।
वह मौका ढूंढ रहा था। उसे मौका मिला और उसने उस रात को उसने मंजू को बहार मिलने को बुलाया। और राहुल अपने उस भयानक रूप में सामने आया। मंजू डर गई। लेकिन राहुल ने जैसे-तैसे करके इसे पूरी बात बताई। तभी घड़ी राहुल को दिखाने लगी अगर मंजू नहीं मानी और तुमने कहे मुताबिक नहीं किया तो ये घड़ी जल जायेगी और फिर सब खत्म हो जाएगा, वापिस तुम ये जादू नहीं पा पाओगे।
राहुल ने मंजू को भी यह बात बताई। मंजू ने कहा, " तुम घड़ी की बात मान लो, वरना मैं तुम्हें फिर कभी देखना नहीं चाहती। जो कुछ भी है वह अभी खत्म।" राहुल ने पूछा, "ऐसा क्यूँ?"
मंजू साफ लफ्जों में कहा," जब तक यह घड़ी है तब तक तुम वह सब करोगे जिसे मैं खुश होती हूं। वरना कुछ भी नहीं करोगे। और मैं बहुत आगे के सपने भी देख चुकी हूं। मैं ये नहीं कहती कि हद पार कर जाओ, लेकिन मुझे भी अपने सपने प्यारे है। "
राहुल ने पूछा," तुम्हें तुम्हारे सपने चाहिए मैं नहीं और राहुल घड़ी जल जाने दी।" और दोनों फिर कभी नहीं मिले।

