हर सवाल का जवाब मैं नहीं दूँगी
हर सवाल का जवाब मैं नहीं दूँगी
" यह अभी जो तुम्हें छोड़ने आया था यह कौन था ?"
"लौटने में लेट हो गया इसलिए रोहित ने कहा कि मैं तुम्हें छोड़ देता हूँ? कोई प्रॉब्लम है क्या ?"
" अब तुम रोज अलग-अलग लोगों के साथ आओगी तो प्रॉब्लम तो होगी ना ?"
"क्या करना चाह रहे हो ?"
" तुम अच्छे से समझ रही हो।"
" बिना पूरी बात जाने इस तरह की बातें बोलने का तुम्हें कोई हक नहीं है ।अगर आज तुम्हारी एक उंगली मेरी तरफ है तो बाकी की सारी उंगलियाँ तुम्हें ही कसूरवार ठहरा रही है। तुम्हारे रोज के झगड़ों से और इन सवालों से मैं तंग आ गई हूँ। खुद ही कहा नौकरी करो, अब कर रही हूँ ,तो भी तुम्हें दिक्कत है।" पिया ने चीखते हुए कहा ।
"मैंने नौकरी करने को कहा था। नैन मटक्का करने को नहीं कहा था। रोज नए नए कपड़े पहन, सजा सँवर कर जाती हो मानो फैशन शो में जा रही हो। सभी लोगों से हँसकर बात करती हो, खास कर लड़को से।मुझसे तो कभी ऐसे बात नहीं की। माँ ने ठीक ही कहा था तुम्हें छूट नहीं देना चाहिए था ।घर पर रहती चूल्हा चौका करती तो ठीक था ।"संजय ने गुस्से में कहा ।
"चूल्हा चौका भी तो मैं ही करती हूँ। खाना बना कर जाती हूँ, आकर बनाती हूँ। बाहर का सारा काम भी सँभालती हूँ। तुम तो बिजनेस के नाम पर हमेशा बाहर रहते हो। बिजनेस में घाटा हुआ तो तुम्हारे कहने पर ही मैंने नौकरी की। जब मैं कह रही थी तब तो मना कर दिया था ।पर तुम्हारे रोज के सवालों से मैं तंग आ गई हूँ। इससे बात मत करो ,उससे बात मत करो, कौन छोड़ने आ रहा है ?कौन लेने जा रहा है ? तुम्हें तो लगता है कि हर लड़का मेरा बॉयफ्रेंड है। तुम्हारी हर बात का जवाब देने के लिए नहीं हूँ मैं।तुम्हारे फालतू के सवालों का जवाब देते देते थक गई हूँ। पर मुझसे बर्दाश्त नहीं होता मैं जा रही हूँ। तुम सँभालो अपने घर को और अपने सवालों से लड़ते रहो।"
