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Smita Singh

Inspirational

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Smita Singh

Inspirational

होममेकर

होममेकर

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अरे मीना सच कहू तुझे देखकर बड़ा बुरा लगता है। देख ना हम सारे दोस्तों में एक तू ही पढ़ाई में अव्वल, हुनरबाज, सच कहूं तो सर्वगुण सम्पन्न और तू ही शादी के बाद घर पर बैठी है। क्या हाऊसवाइफ बनकर बैठ गयी तू भी।" रौशनी ने अपनी बचपन की दोस्त, मधु को कुरेदने की कोशिश की।


"लेकिन तू क्यों दुखी हो रही है ? मैं तो खुश हूँ कोई मलाल नहीं है मुझे एक हाउसवाईफ....साॅरी साॅरी ...होममेकर बनने का।" मधु के चेहरे की चमक उसके शब्दों का साथ बखूबी दे रहे थे।


"यार ...अब तुम कुछ भी बोलो ...होममेकर, हाऊसवाईफ...लेकिन कभी ना कभी मन तो तुम्हारा भी करता होगा ना कि ,काश तुम किसी मुकाम पर होती। इस हाऊसवाईफ वाले एजेंडा से परे।" रौशनी जैसे मधु से कुछ ऐसा सुनना चाहती थी ,जो उसे अक्सर सुनने को मिलता है।


"यार मुझे समझ ही नहीं आता कि घर में रहने वाली औरतों को लेकर इतना बेचारगी वाला रवैया क्यों आ जाता है? जब हमें कोई परेशानी नहीं है घर में रहने से।" मधु ने हँसते हुए रौशनी को जूस का ग्लास देते हुये कहा।


"नहीं...बेचारगी नहीं...लेकिन अच्छा तू ही बता एक हाऊसवाईफ घर के कामों में उलझकर रहने के अलावा और क्या करती है। तू अपना ही बता तू क्या करती है दिन भर ?" रौशनी फिर से कटाक्ष करते हुये बोली।


"ह्म्म ...कुछ नहीं करती....लेकिन कमाल करती हूँ हर दिन ।मेरा मानना तो ये है कि दुनिया की कोई भी हाऊसवाईफ कुछ नहीं करने के बावजूद कमाल करती है। पता है कैसे? उसके घर वालों की सुबह सूरज के उगने के साथ हो या ना हो लेकिन उसके हाथों से बनी इत्मीनान वाली चाय के साथ होती है।सुबह सवेरे सबको जगाने की आवाज का जादू सबके दिन की खूबसूरत शुरूआत का अलार्म होता है, चाहे घड़ी में अलार्म लगे या ना लगे। उसको लगती आवाजें बताती है कि वो उस घर की धूरी है। उसका व्यवस्थित घर उसके शांत दिमाग का प्रतिबिम्ब होता है वो भी बिना किसी मैडिटैशन के। उसके प्यार और सेवा का जादुई स्पर्श किसी भी दवा से ज्यादा कारगर सिद्ध होता है। अपनी मुस्कान और खाने की खुशबु से वो किसी के भी बदतर मूड को क्षण भर में बदलने की क्षमता रखती है। वो भले ही ना कमाती हो लेकिन किसी भी मुसीबत में अपनी हिम्मत, भावनाओं, हौसले, और सेविंग का खजाना लुटाकर बड़ी से बड़ी मुसीबत को छोटा बना देती है। सबसे बड़ी बात वो अपने स्वछंद विचारो स्वामिनी होती है। अपने घर की गृह स्वामिनी के साथ साथ, सबको प्यार, आदर, भावनाओं, मुस्कान, की सैलरी प्रतिदिन बांटने का जादू जानती है। रानी है हम अपने घर की, और मैं इस ओहदे को खोना नहीं चाहती, बाहर की दुनिया में किसी के अधीन होकर। मेरा खुद का मुकाम एक संतोषजनक जीवन का पर्याय बनता जाता है हर दिन जो एक नयी उर्जा से भर देता है, कि किसी और मुकाम की इच्छा ही नहीं रह जाती। तो एक सकारात्मक नजरिये के साथ हम अपनी लाईफ इन्जाय कर रहे है तो उसे सिर्फ नौकरी करने और ना करने की स्थिति से नहीं तोला जा सकता। मैं खुद के महत्व को जानती हूँ। अब तुम ही बताओ क्या सिर्फ पैसा कमाने की रेस में ये कमाल किया जा सकता है क्या?" मधु ने एक सकारात्मक दृष्टिकोण पेश किया, रौशनी की हाऊसवाईफ को लेकर हेय नजरिये को लेकर। रौशनी मधु के दृष्टिकोण से निःशब्द उसे देखे जा रही थी, क्योंकि तुम क्या करती हो? इस सवाल का इतना खूबसूरत जवाब उसे आज पहली बार सुनने को मिला था।


दोस्तो, अगर आप एक होममेकर है और कोई आपसे यह सवाल पूछे कि" आप क्या करती है?" तो "कुछ नहीं "कहने से अच्छा है ,अपना जवाब बदलिये, गर्व से कहिये "मैं एक होममेकर हूँ, और मैं कमाल करती हूँ।" आपने वो कहावत तो सुनी होगी "जो कुछ नही करते वो कमाल करते है।"


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