STORYMIRROR

RIYA PARASHAR

Tragedy Children

3  

RIYA PARASHAR

Tragedy Children

होली

होली

2 mins
210

होली के अवसर पर यह कहा जाता था कि होली के दिन सबके गिले - शिकवे दूर हो जाते है और सब फिर से प्यार से रहने लगते है। परन्तु वर्तमान में होली गिले-शिकवे दूर करने का नहीं अपितु अपनी दुश्मनी निकालने का त्यौहार बनता जा रहा है। प्रायः यह देखा जाता है कि होली के दिन किसी का सिर फट गया , किसी का हाथ टूट गया , किसी की आँखों में रंग की जगह लाल मिर्च डाल दी ये घटनाएँ प्रायः सुनने और देखने को मिलती है। होली के अगले दिन यानी दुलहन्डी को हमारे पड़ोस में होली खेलते समय बहुत ही भयानक घटनाएं हुई दो आदमी अपनी भाभियों के साथ होली खेलने के लिए आए । उन लोगों ने बहुत ही बेकार ढंग से होली खेली । एक ने अपनी भाभी को जमीन पर गिरा दिया दूसरा रंग लगाने लगा और दोनों भाभियों ने उन पर काफ़ी मात्रा में लात - घूसे चलाए । इस दौरान एक भाभी के हाथ का माँस फट गया और उसके सात टाँके आए। एक देवर का पैर फट गया है । एक की आंखों में रंग चला गया और उसे दिखाई देना बंद हो गया तथा एक भाभी का रंगों से चेहरा फट गया। यह दृश्य देखने में अत्यंत भयानक था । और इस घटना को देखने के बाद यह लगने लगा कि बुजुर्गों की यह परंपरा कि होली मिलन का त्यौहार है समाप्त होता जा रहा है और यह सही मायने में रिस निकालने का त्यौहार प्रतीत होने लगा है। और अब तो आजकल लोग यह कहने लगे है कि होली तो केवल उपद्रवियों की ही रह गई है।


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Tragedy