एक होटल
एक होटल
एक बार की बात है। एक पर्यटन स्थल था, वह बहुत खूबसूरत और चर्चित था। उस पर्यटन स्थल से थोड़ा दूर या कहा जाए कि कट कर एक होटल था। 1 दिन "प्रेम" उस पर्यटन स्थल की चर्चा सुनकर वहां घूमने आया। उसने वहां पर पूरा दिन घूमने में बिताया लेकिन पूरा स्थल घूम नहीं पाया। शाम हो चुकी थी लेकिन वहां की खूबसूरती को देखकर उसने वहां रुकने का मन बनाया। और वह रहने की जगह ढूंढने निकल पड़ा कई जगह ढूंढने के बाद भी उसे कोई जगह नहीं मिली निराश होकर जाई रहा था कि उसे उस होटल के बारे में पता चला और वो उस होटल की ओर चल पड़ा काफी रात हो चुकी थी होटल पहुंचते पहुंचते।
जैसे ही वो अंदर पहुंचा उसके सामने ही रूम बुक करवाने का काउंटर था। वो वहां गया, रूम के लिए पूछताछ करने लगा और एक रूम बुक करवा लिया। काउंटर पर खड़े आदमी ने रूम की चाबी काउंटर पर रखी जैसे ही काउंटर से चाबी उठाई तभी उसकी नजर काउंटर के उस ओर खड़ी एक सुंदर लड़की पर पड़ी उसे देखते ही वह अपना होश खो बैठा, उसने खुद को काफी संभालने की कोशिश की लेकिन वह उस पर से अपनी नजर नहीं हटा पा रहा था, थोड़ी देर बाद पता नहीं कैसे उसकी आंखों से ओझल हो गई, वह खुद को संभालते हुए रूम की ओर आगे बढ़ गया। उसका रूम तीसरी मंजिल पर था, जैसे ही वो तीसरी मंजिल पर पहुंचा उसे लगा उसके पीछे कोई चल रहा है, उसने पीछे मुड़ के देखा वहां कोई नहीं था। उसने इधर उधर देखा लेकिन उस माले पर कोई भी नहीं था। वह इस बात पर से अपनी नजर फेरते हुए अपने रूम की ओर आगे बढ़ गया।
रूम के अंदर अपना सामान रखा और रूम को देखने लगा और खुश होता हुआ बोला कि "सस्ते में मिल गया।" थोड़ी देर बाद रूम के कमरे के दरवाजे पर किसी ने नॉक किया, "इतनी रात को कौन हो सकता है" यह सोचते हुए, दरवाजा खोला। दरवाजा खोलते ही उसके सामने वही खूबसूरत लड़की खड़ी थी, लड़की मुस्कुराते हुए बोली "सर आपको कुछ चाहिए क्या?" यह बोलते ही उसके हाथ में रखी हुई बोतल प्रेम की ओर आगे बढ़ाई। प्रेम कुछ समझ नहीं पाया आखिरकार हो क्या रहा है, वह हड़बड़ाते हुए बोला "कौन हो तुम और तुम्हें क्या चाहिए?" लड़की बोली सर मैं रूम सर्विस के लिए आई हूं, जैसे उसने यह सुना वह खुशी के मारे पागल हो गया। तुरंत ही लड़की बोली सर आपको अभी कुछ गरमा-गरम नहीं मिल सकता, सिर्फ पैकेट फूड ही है। वह कुछ जवाब देता उससे पहले ही उसने बोतल उसके हाथ में थमा दी। वह कुछ कह पाता उससे पहले ही वह चली गई, पहले की तरह ही उसके आंखों से ओझल हो गए,। वह से रोकना चाहता था लेकिन कैसे भी उसने खुद को संभाला और रोका, मन मारते हुए दरवाजा बंद कर दिया। लेकिन फिर भी उसके ख्यालों में से वह जा नहीं रही थी।
बिस्तर पर पड़े हुए वह उसी के बारे में सोच रहा था ना जाने कैसे बिस्तर पर पड़े हुए रिमोट पर उसका हाथ लगा और टीवी चालू हो गया, टीवी चालू होते ही उसमें गाना बजा की "लैला तुझे लूट लेगी तू लिख के लेले" उसने रिमोट हाथ में लिया और चैनल बदल दिया लेकिन उसमें से अचानक से सीन बदल गया और फिल्म हेरा फेरी का डायलॉग चल पड़ा "बचा ले रे बाबा" फिर उसने टीवी का रिमोट हाथ में लिया और टीवी बंद कर दि। खिड़की पहले से खुली हुई थी उसमें से मदहोश कर देने वाली हवाएं चलने लगी टीवी अचानक से वापस चालू हो गया, इसमें उसकी पसंदीदा हीरोइन की पसंदीदा फिल्म का पसंदीदा सीन चल पड़ा और उसमें से वह हीरोइन बाहर आ गई वह अपना सूज बूज बैठा तभी उस मंजिल की लोभी में किसी के चलने की आवाज सुनाई दी। वह उसे अपनी अदाओं से रिझाने लगी इसी तरह थोड़ी देर ऐसे ही चलता रहा। थोड़ी देर बाद बिस्तर पर लेटा हुआ था, वह उसके सिर के पास बैठी हुई उसके सर पर हाथ फिरा रही थी। वह पूरी तरह से अपने होश खो बैठा था। वह उठी और बाथरूम की ओर चलने लगी बाथरूम के अंदर जाते ही उसने उसको हाथ से अंदर आने का इशारा किया। वह तुरंत खड़ा होकर बाथरूम की ओर भागा, बाथरूम के पास जाकर उसका हाथ पकड़ा जैसे उसने उसका हाथ पकड़ा उसने उसको अंदर की ओर खींचा। जैसे ही वह अंदर गया, अंदर कोई नहीं था। उसे कुछ समझ नहीं आया, और दरवाजा बंद हो गया। बाथरूम के अंदर का माहौल एकदम डरावना होने लगा और अंधेरे सा छाने लगा उसमें उसको एक दृश्य दिखाई दिया जिसमें कई सारे पुरुष तड़फ रहे थे, और उसमें से खून निकल रहा था और उस खून से वो धरती पूरी तरह से सनी हुई थी। यह देखते ही, वह बेहोश हो गया। सुबह जब उसे होश आया तो बाथरूम में ही था, लेकिन दरवाजा खुला हुआ था।
जैसे ही वह खड़ा हुआ बाथरूम में लगे हुए आईने पर उसकी नजर गई, आईने में दिखाई दे रहा था कि उसकी छाती पर नाखूनों से कुछ लिखा हुआ था, "साले, नल्ले तू आज तेरे बुरे कैरेक्टर के कारण बच गया। मेरा दिन ही बुरा था जो तू मुझे मिला। पहले वो होटल वाली और फिर ये हीरोइन ।"

