दिमाग
दिमाग
14 ग्राम का चर्बी से भरा दिमाग सबके पास होता है. हम इस दिमाग के ही कारण अपने आपको अपने कार्य क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ घोषित करते हैं। आज हमारी टीम के सदस्य जावेद ने पूछा आप इतना दिमाग कहां से लगाते हो, कहां से लाते हो। हम उस वक्त महज मुस्कुरा दिए परंतु आज रविवार की सुबह लगभग 3:20 पर इस प्रश्न ने हमारी नींद उड़ा दी। बावजूद इसके हमने बहुत लंबे समय तक नींद को हराने का असफल प्रयास किया। परंतु जावेद के द्वारा पूछे गए प्रश्न ने हमारा सोना दूभर कर दिया। हम सुबह के 4:00 बजे बिस्तर छोड़कर भगवान राधे कृष्ण को धन्यवाद करते हुए उठे। सिर्फ और सिर्फ जावेद के प्रश्न का उत्तर खोजने के लिए। तब हमें महसूस हुआ भगवान राधे कृष्ण हमारा मार्गदर्शन करते है। यही मार्गदर्शन शायद टीम के सदस्यों को हम अपने मीटिंग के दौरान उन्हें दे पाते है। इस सुबह के बेला भगवान राधे कृष्ण की असीम कृपा आशीर्वाद और शरण से ही हमारा दिमाग चलता है। सुबह की बेला 3:00 से 5:00 बजे के दौरान भगवान राधे कृष्ण हमारे अंतर्मन में विराजमान होकर। हमारे हर प्रश्न का जवाब लिखवाते चले जाते हैं। जैसे तुलसीदास ने रामायण की रचना की थी। वह आज भी जग प्रसिद्ध है। ठीक उसी प्रकार हमारा दिमाग भी भगवान राधे कृष्ण की शरण में जाने से ही हर प्रश्न का जवाब जग की भलाई के लिए ढूंढता रहता है हर क्षण। बात सिर्फ जावेद की नहीं हर कोई हमारी प्रशंसा किए बिना नहीं रहता।
इसके साथ हम भगवान राधे कृष्ण का धन्यवाद करते हुए कहते हैं।
हे परमपिता परमात्मा परमेश्वर दीनानाथ दीनदयाल मुरली वाले करते हो सब कुछ तुम बस नाम हमारा हो रहा है।
