Kameshwari Karri

Romance

4.0  

Kameshwari Karri

Romance

दिल की धड़कन

दिल की धड़कन

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184


हर दिन की तरह 5.30 बजे नेहा उठी और उसने बच्चों को भी उठाया और उन्हें तैयार किया । वैसे तो स्कूल तो बंद थे पर 8 बजे से ऑनलाइन क्लासेज़ शुरू हो जाएँगे !दूध और नाश्ता देकर खुद भी चाय पीने लगी । तभी सौरभ उठा और नेहा से चिढ़ते हुए कहने लगा मुझे क्यों नहीं उठाया मैंने कहा था न उठाने के लिए मेरा क्लाइंट के साथ कॉल है । नेहा ने भी उसी आवाज़ में कहा कॉल है तो अलार्म लगाकर उठना था । 

वैसे तो नेहा हर दिन चाय की कप लेकर गुडमार्निंग कहते हुए सौरभ को उठाती थी । आज मालूम नहीं क्या हुआ नेहा कुछ अनमनी सी लग रही थी । दोनों ही सॉफ़्टवेयर कंपनी में काम करते थे शादी के दस साल हो गए दो सुंदर से बच्चे भी थे । पति पत्नी आज कल के बच्चों जैसे नहीं मित्रों की तरह रहते थे एक दूसरे के मान सम्मान का ख़याल रखते थे । 

 सौरभ ने सोचा वर्कफ्राम होम घर का काम इतनी सारी ज़िम्मेदारियों के कारण शायद थक गई होगी । इसलिए उसने कहा कि "नेहा बैठो तुम्हारे लिए मैं एक कप कड़क चाय बनाकर लाता हूँ पीने से तुम्हें ठीक लगेगा ।" नेहा ने कहा "नहीं सौरभ कुछ अच्छा नहीं लग रहा है मैं थोड़ा आराम कर लेती हूँ" यह कहते हुए वह कमरे की तरफ़ बढ़ गई ।"इसीलिए कहता था कि देर रात तक नेटफ्लिक्स में पिक्चर मत देखो क्योंकि सुबह फिर 5.30 में उठकर काम करना पड़ता है नींद भी कम हो जाएगी पर तुम्हारे कान पर जूं तक नहीं रेंगती ठीक है सो जाओ मैं मेनेज कर लूँगा । "

 सौरभ ने क्लाइंट के साथ कॉल ख़त्म किया और नाश्ता बनाया और डाइनिंग टेबल पर रखकर नेहा को उठाने गया , "नेहा उठो नाश्ता तैयार है" नेहा ने कहा "सौरभ मेरे चेस्ट में हल्का सा दर्द हो रहा है इनो दे दो शायद गेसट्रिक हो गया है लॉकडाउन के कारण वॉकिंग पर नहीं जा पा रही थी इसलिए कीटो डाइट करने लगी उन सबका ही प्रभाव है" शायद कई बार सौरभ ने कहा भी इन सबकी क्या ज़रूरत है नेहा पर उसने सुना नहीं सौरभ इनो लाकर देता है । 

"सौरभ मुझे बहुत दर्द हो रहा है साँस लेने में तकलीफ़ हो रही है", सौरभ ने घबराकर कहा "चलो नेहा डॉक्टर के पास चलते हैं देर नहीं करना है नेहा ने कहा सौरभ डॉक्टर कुछ और कहें तो मुझे नहीं जाना डॉक्टर के पास ।" "नेहा मैं तुम्हारी बात नहीं सुनूँगा चलो , मैंने माँ पापा को फ़ोन कर दिया है वे बच्चों को संभल लेंगे कार में बैठते ही नेहा ने गूगल सर्च करके देख लिया कि अगर दिल का दौरा है तो बाँए हाथ में दर्द होता है सौरभ मुझे शोल्डर पेन भी नहीं है नेहा डाइट ,नेट की बातें मत करो और फ़ोन बंद करो और चुप बैठो मुझे टेन्शन हो रही है।"घर के पास के ही अस्पताल में पहुँचे । डाक्टर ने नेहा को देखकर कहा सौरभ मैं थोड़े से टेस्ट कर लेता हूँ डॉक्टर ने इ सी जी टेस्ट देखकर कहा कि हार्ट में ब्लॉक है आपरेशन करना पड़ेगा । 

सौरभ ने कहा "डॉक्टर वह तो अभी ३४ साल की ही है फिर यह ब्लॉकेज क्यों ?" डाक्टर ने कहा "देखो सौरभ काम काज के डेडलाइन घर बच्चों की ज़िम्मेदारी इन सबका असर पड़ा होगा छोटा सा आपरेशन है तुम जाकर फारमेलिटी पूरी करके आ जाओ ।" सौरभ पत्नी के हर काम में मदद करता हूँ पुराने ज़माने के पतियों की तरह हुक्म नहीं चलाता हूँ वह तो मेरी दिल की धड़कन है और आज मेरी धड़कन अस्पताल के बेड पर पड़ी है पत्नी एक मित्र के समान होती है उसके साथ एक इमोशनल बांड होता है सोचते सोचते उसके आँखों से आँसू बहने लगे तभी नर्स ने कहा डाक्टर साहब आपको बुला रहे हैं मैं उनके रूम में गया उन्होंने ने कहा जाओ नेहा से मिल लो मैं उसे आपरेशन के लिए ले जा रहा हूँ उसकी हिम्मत बढ़ाना उसके सामने रोना नहीं । 

 सुनते ही मैं भागा भागा उसके पास गया मुझे देखते ही नेहा ने कहा आई लव यू सौरभ अपना और बच्चों का ख़याल रखना मैंने उसे ढाढ़स दिलाते हुए कहा नेहा डाक्टर साहब दिल के बहुत बड़े सर्जन हैं तुम्हें कुछ नहीं होगा । 

नेहा को आपरेशन थियेटर में ले जा रहे थे तब तक रुके हुए आँसू आँखों से बहने लगे एक घंटे बाद डाक्टर बाहर आए और कहा नेहा अब ठीक है पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में शिफ़्ट कर दिया है । उस दिन सौरभ को समझ आया कि पत्नी को पसंद कर शादी का बंधन ही नहीं वह हमारी जीवन भर साथ देने वाली मित्र साथी और दिल की धड़कन होती है । जैसे ही नेहा रूम में शिफ़्ट हुई मैं उसके पास पहुँच गया मुझे देख वह मुस्कुरा रही थी जैसे कह रही हो तेरा पीछा न छोड़ूँगी सोनिए !!!!

कितना भी क्म्यूटर का जमाना या जनरेशन गेप क्यों न हो पर प्यार का बंधन तो प्यार का बंधन ही होता है !!!!!


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