Pradeep Soni प्रदीप सोनी

Abstract

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Pradeep Soni प्रदीप सोनी

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चाय – बिस्कुट

चाय – बिस्कुट

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ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकैडमी में 1st, 2nd और 3rd टर्मरस का चाय सेशन चल रहा था की अचानक इंस्ट्रक्टर आये और वहा मौजूद कैडेट्स से पूछा “किसी को अकैडमी में कोई समस्या…??”

दुनिया भर की ज्यद्तिया सहने के बाद भी फर्स्ट टर्मरस के हाथ नीचे थे की अचानक एक नवयुवक ने हाथ उठाया। “यस सर जब तक हम लोग चाय के लिए पहुँचते है तब तक सीनियर लोग सारे बिस्कुट निपटा जाते हैं और हमे केवल बुरादा मिलता है।"

“वैरी गुड” इंस्ट्रक्टर ने नौजवान की पीठ थपथपाई और वहां से चले गए।

रात के 2 बजे थर्ड टर्मरस के हॉस्टल धम धम हुई और इंस्ट्रक्टर ने सभी को मुर्गा बनाते हुए कहा “ सालों यही शिक्षा दे रहे हो जूनियर्स को की वो बिस्कुट भुजिया पर मर रहे हैं…।। चलो 5 किलोमीटर दौड़ म़ार कर पहुँचो मैदान में आज तुम्हे महाकाल बनाता हूँ” और थर्ड टर्मरस 2 घंटे तक बुरी तरह रगड़े गए।

तड़के 4 बजे सेकंड टर्मरस के हॉस्टल धम धम हुई और थर्ड टर्मरस ने सभी को मोर बनाते हुए कहा “ सालों यही ज्ञान पेल रहे हो जूनियर्स को की वो हाय बिस्कुट कर रहे है…।। चलो 5 किलोमीटर दौड़ म़ार कर पहुँचो मैदान में आज तुम्हे सुपरमैन बनाते है”

सुबह 6 बजे फर्स्ट टर्मरस के हॉस्टल पर धम धम हुई सेकंड टर्मरस ने सभी को लंगूर बनते हुए कहा “आओं सारे बिस्कुट भुजिया ले लो” और इसी के साथ फर्स्ट टर्मरस के आगे पीछे ऊपर नीचे अंग अंग में लालीमा फैला दी गयी।

उस दिन फिर से चाय सेशन पर इंस्ट्रक्टर आये और वहा मौजूद कैडेट्स से पूछा “किसी को अकैडमी में कोई समस्या…??”

सभी ने पिछवाड़े पर हाथ लगाते हुए कहा “नो सर” !!!


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